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चंडीगढ़ कोर्ट ने ‘बीइंग ह्यूमन ज्वैलरी’ धोखाधड़ी मामले में सलमान खान और उनकी बहन अलविरा को नोटिस जारी किया

चंडीगढ़ की एक स्थानीय अदालत ने मणिमाजरा के रहने वाले बिजनेसमैन अरुण गुप्ता की ओर से दायर एक प्राइवेट क्रिमिनल शिकायत पर एक्टर सलमान खान, उनकी बहन अलविरा खान, स्टाइल कोशेंट ज्वैलरी प्राइवेट लिमिटेड, प्रसाद बिंदु माधव, संतोष श्रीवास्तव और बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस BNSS की धारा 223 के प्रावधान के तहत मामले पर संज्ञान लेने से पहले के चरण (pre-cognisance stage) में जारी किए गए।

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा: “कानून और अदालती फैसलों को ध्यान में रखते हुए, यह अदालत BNSS की धारा 223 के प्रावधान के तहत आरोपियों को नोटिस जारी करना उचित समझती है। यह नोटिस संज्ञान लेने से पहले के चरण में 5 अक्टूबर, 2026 के लिए जारी किया जा रहा है, और इसके लिए RC/AD (रजिस्टर्ड पोस्ट विद एकनॉलेजमेंट ड्यू) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।”

गुप्ता ने वकील राजविंदर सिंह राजपूत के ज़रिए IPC की धारा 405, 409, 415, 417, 420 और 120B के तहत शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, गुप्ता ने मणिमाजरा, NAC में ‘बीइंग ह्यूमन ज्वैलरी’ का एक शोरूम खोला था। मुंबई की स्टाइल कोशेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत – जिसने बीइंग ह्यूमन के साथ पार्टनरशिप की थी – उन्हें कंपनी की मदद से अपने शोरूम में कंपनी की ज्वैलरी का डिस्प्ले करना था। गुप्ता का आरोप है कि ‘बीइंग ह्यूमन’ एक ट्रस्ट है जिसे एक्टर ने ही बनाया है और वही इसके मालिक हैं। उन्हें बताया गया था कि सलमान खान रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में शोरूम का प्रमोशन करेंगे और खुद इसका उद्घाटन भी करेंगे।

इन बातों पर भरोसा करते हुए, उन्होंने शोरूम को रेनोवेट करने में 50 लाख रुपये और स्टॉक खरीदने में 1 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि, सलमान खान के बजाय उनके जीजा आयुष शर्मा नवंबर 2018 में उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। जिस शोरूम से उन्हें स्टॉक लेना था, वह फरवरी 2020 से बंद पड़ा है। गुप्ता का कहना है कि इस वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्टर और स्टाइल कोशेंट प्राइवेट लिमिटेड के CEO ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। 4 अगस्त को दिए गए अपने आदेश में कोर्ट ने कहा: “BNSS की धारा 223 के तहत सुनवाई का अधिकार एक प्रक्रियात्मक सुरक्षा है, जो प्राकृतिक न्याय और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों पर आधारित है। BNSS लागू होने से पहले दर्ज की गई शिकायतों में भी, जिन पर बाद में संज्ञान लिया गया हो, आरोपी को इस प्रक्रियात्मक सुरक्षा का लाभ मिलना चाहिए।”

अब इस मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर, 2026 को होगी।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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