दिग्गज पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर और अभिनेत्री मधु ने रश्मिका मंदाना का समर्थन किया है। रश्मिका को उनके हिंदी उच्चारण और दक्षिण भारतीय लहजे को लेकर ट्रोल किया जा रहा था। रविवार को जावेद अख्तर ने अपने ‘X’ (ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि “भाषा को लेकर झूठी और बेबुनियाद श्रेष्ठता की भावना स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने लिखा, “जिन लोगों को तमिल अभिनेत्री रश्मिका के उच्चारण से दिक्कत है, उन्हें तमिल भाषा की कुछ पंक्तियां पढ़ने के लिए दी जानी चाहिए। तमिल दुनिया की सबसे पुरानी बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, देखते हैं कि वे इसे कितनी अच्छी तरह बोल पाते हैं। भाषा को लेकर ऐसी झूठी और बेबुनियाद श्रेष्ठता स्वीकार्य नहीं है।”
अभिनेत्री मधु ने भी अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर करके रश्मिका का समर्थन किया। वीडियो में मधु ने कहा, “नमस्ते सभी को! ‘आई एम इन लव’ सीरीज का अगला हिस्सा अभी आ रहा है। मैंने हाल ही में ‘कॉफी विद करण’ में रश्मिका मंदाना का एपिसोड देखा। जिस तरह से उन्होंने अपने लहजे की आलोचना का सामना किया, वह मुझे बहुत अच्छा लगा।” मधु ने आगे कहा, “वह इस बात पर हंसती हैं, इसे स्वीकार करती हैं और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनाती हैं। मैं खुद दक्षिण भारतीय हूं और मेरा भी दक्षिण भारतीय लहजा है, और रश्मिका इस बात को लेकर बहुत सहज (cool) हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी इच्छा करण जौहर की फिल्मों में काम करने की है, और फिर हंसते हुए बोलीं- ‘लेकिन पता है क्या, मैं उन्हें डबिंग आर्टिस्ट का इस्तेमाल करने की छूट दे दूंगी।’ वह इस मामले में बहुत ही सहज थीं।”
खुद दक्षिण भारतीय होने के नाते, मधु ने उस समय को याद किया जब उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें लोगों की आलोचनाओं (judgement) से डर लगता था। मधु ने कहा, “मैंने एक उर्दू शिक्षक रखा और अपनी हिंदी व अन्य चीजों में सुधार किया, ताकि मेरे लहजे को लेकर कोई कमी न पकड़ी जा सके। अगर कोई मेरी बोली में थोड़ा सा भी लहजा (accent) पकड़ लेता था, तो मैं बहुत परेशान हो जाती थी और उस पर और भी ज्यादा मेहनत करती थी। मुझे बहुत गर्व महसूस होता था जब लोग कहते थे कि आपकी हिंदी, किसी भी हिंदी भाषी व्यक्ति से कहीं बेहतर है।” उन्होंने आगे कहा, “तो यह मेरा सफर रहा, लेकिन आज मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि मैं एक दक्षिण भारतीय हूँ। अगर हिंदी बोलते समय मुझसे कोई गलती हो जाती है या मेरे लहजे में दक्षिण भारतीय छाप झलकती है, तो मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। हालाँकि, यहाँ तक पहुँचने में मुझे पूरे 30 साल लग गए।” उन्होंने कैप्शन में लिखा, “मुझे दक्षिण भारतीय होने और अपने दक्षिण भारतीय लहजे पर गर्व है। मुझे यहाँ तक पहुँचने में 30 साल लगे, लेकिन रश्मिका, तुम पहले ही इस मुकाम पर हो। तुम्हारा हाल ही का एक इंटरव्यू देखा, जिसमें तुम्हारी यह बात मुझे बहुत अच्छी लगी। तुम बहुत सशक्त हो, बस ऐसी ही स्टार बनी रहो… #madhoo #rashmika_mandana”
फिल्मों में हिंदी शब्दों के उच्चारण को लेकर मंदाना को अक्सर ट्रोल किया जाता रहा है। हाल ही में करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ (सीजन 9) में उनके शामिल होने के बाद, उन्हें फिर से ट्रोल किया जाने लगा। शो में उन्होंने कहा कि वह दक्षिण भारत से हैं, इसलिए उनके लहजे में दक्षिण भारतीय छाप होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि “इसके अलावा कुछ और सोचना बेतुका है।” जब फिल्म निर्माता (करण जौहर) ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें इस आलोचना से कभी बुरा लगा, तो उन्होंने कहा, “मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि उन्होंने कहा कि मेरा लहजा दक्षिण भारतीय है, और मैं दक्षिण भारत से ही हूँ। तो जाहिर है, मेरा लहजा ऐसा ही होगा।”
मंदाना इस शो में अपने पति और अभिनेता विजय देवरकोंडा के साथ शामिल हुई थीं। उन्होंने 2016 में कन्नड़ फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जिसमें रक्षित शेट्टी भी मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने तेलुगु और तमिल फिल्मों में भी काम किया है। 2022 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। हाल ही में वह विजय के साथ फिल्म ‘रणबाली’ में नजर आईं। यह फिल्म ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान रायलसीमा क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फिल्म 1854 से 1878 के बीच के ऐतिहासिक वृत्तांतों, मौखिक इतिहास और उस दौर की कम जानी-मानी घटनाओं से प्रेरित है।


