राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए, एडवोकेट्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि वह मुख्य आरोपी को सज़ा दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि एसोसिएशन इस मामले में पीछे नहीं हटेगा। उनका आरोप है कि चोरी में शामिल लोगों या आरोपी की मदद करने वालों को जांच के दौरान बचाया गया।
अध्यक्ष ने बताया कि एडवोकेट्स एसोसिएशन ने राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन के खिलाफ चढ़ावे की चोरी के संबंध में मामला दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि पुलिस ने एक पावती पर्ची (येलो स्लिप) जारी की और आश्वासन दिया कि मामला दर्ज किया जाएगा, लेकिन असल में कोई FIR दर्ज नहीं की गई।
दस हलफनामे और नौ वकीलों के बयान सौंपे गए, फिर भी कोई जांच नहीं हुई
कालिका प्रसाद मिश्रा के अनुसार, एडवोकेट्स एसोसिएशन ने जांच अधिकारी को सबूत के तौर पर दस लोगों के हलफनामे सौंपे। नौ वकीलों के मौखिक बयान भी दर्ज किए गए। इसके बावजूद, इन बयानों और हलफनामों के आधार पर ज़रूरी जांच नहीं की गई। उनका कहना है कि जांच के दौरान मुख्य आरोपियों को बचाया गया और जांच अधिकारी के पास एसोसिएशन द्वारा उठाए गए सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार-रोधी अदालत (एंटी-करप्शन कोर्ट) में दाखिल चार्जशीट के खिलाफ आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ क्रिमिनल लॉयर पी.एन. सिंह, के.सी. खरे, विजय बहादुर सिंह, सौरभ मिश्रा और निज़ामुद्दीन खान ने भी अदालत के सामने चार्जशीट में कमियों को उजागर किया।
एसोसिएशन उच्च न्यायालय का रुख करेगा
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि आगे की कार्रवाई का फैसला स्पेशल जज (भ्रष्टाचार-रोधी अदालत) के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मिलने के बाद किया जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर एसोसिएशन उच्च न्यायालय का रुख करेगा। उन्होंने दोहराया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में मुख्य आरोपी को अदालत के सामने लाने की एसोसिएशन की लड़ाई जारी रहेगी।


