उत्तराखंड समाचार: उत्तराखंड के कर्मचारियों में भारी बारिश के कारण मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे नंदा की फैक्ट्री स्थित पुल के एप्रोच रोड का एक छोटा सा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सरदार प्रभावित हो गया। घटना की सूचना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को राहत एवं निकासी कार्य वॉरस्टार पर शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट अधिसूचना के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित शोचालय ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए निरंतर संचालन और 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की बहाली कर मार्ग को पुनः शुरू करने के लिए सुचारु रूप से निर्देश के लिए उद्घाटन किया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली और आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल में नामांकित कर सफल रही।
मुख्यमंत्री लक्ष्मण सिंह धामी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन में किसी भी प्रकार की क्रांति को मान्यता नहीं दी जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की खोज को रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं सलाहकारों से तालाब बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर स्थिरता या मानक के उल्लंघन की पुष्टि की जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल सिंह धामी के सहयोगियों से बात करते हुए कहा कि जिस तेजी से सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और 12 घंटे में मार्ग को फिर से चालू कर दिया, उससे लोगों को बड़ी राहत मिली। नागरिकों ने इसे संकेत, उत्तरदेह और तत्काल निर्णय वाली सरकार का उदाहरण बताया।
धामी सरकार ने एक बार यह संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, विपक्ष और फिर से सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा की हर स्थिति में सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ी है।




