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उत्तराखंड में अवैध हथियारों का नेटवर्क बेनकाब, 6 महीने में 25 सप्लायर गिरफ्तार; फर्जी लाइसेंस रैकेट से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बरामद हो रहे अवैध हथियारों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में अवैध हथियारों के साथ-साथ फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए चल रहे बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियारों की खरीद-फरोख्त कर गिरोह ने करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी की है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि उत्तराखंड केवल ट्रांजिट रूट है या अवैध हथियारों का नया बाजार बनता जा रहा है।

6 महीने में 25 हथियार सप्लायर गिरफ्तार

एसटीएफ ने वर्ष 2026 की शुरुआत से अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया हुआ है। पिछले छह महीनों में 25 हथियार सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 40 अवैध हथियार और 483 कारतूस बरामद किए गए हैं।

बरामद हथियारों में 21 पिस्टल, 10 तमंचे, 5 ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल और 2 रिवॉल्वर शामिल हैं। एसटीएफ की विभिन्न टीमें राज्यभर में सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

फर्जी शस्त्र लाइसेंस बना बड़ा खतरा

जांच में सामने आया है कि अवैध हथियारों की तस्करी दो तरीकों से की जा रही है। पहला बिना लाइसेंस सीधे हथियारों की तस्करी और दूसरा फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए कानूनी हथियारों को अवैध रूप से हासिल करना।

एसटीएफ के अनुसार यह संगठित नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था। गिरोह फर्जी लाइसेंस तैयार कर हथियार खरीदने और बेचने का काम कर रहा था। अब जांच का दायरा उत्तराखंड से आगे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच चुका है।

कुमाऊं यूनिट ने मास्टरमाइंड को दबोचा

एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट ने हाल ही में फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा निवासी शाहजहांपुर को गिरफ्तार किया था। जांच में आरोपी के बैंक खाते में अवैध कारोबार से जुड़े करीब 1.70 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।

सोशल मीडिया और हर्ष फायरिंग बना नया ट्रेंड

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में अवैध हथियार रखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने और हर्ष फायरिंग के लिए इन्हें खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों और ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस के जरिए हथियार खरीदने का नया नेटवर्क सामने आया है। कई मामलों में दूसरे राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उन्हें उत्तराखंड में ट्रांसफर कर हथियार खरीदे जा रहे हैं।

एसएसपी ने कहा कि एसटीएफ ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
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