HomeUTTAR PRADESHक्यों हुआ था RSS का गठन, मोहन भागवत ने सारे भ्रम किए...

क्यों हुआ था RSS का गठन, मोहन भागवत ने सारे भ्रम किए दूर


Why RSS Formed: आरएसएस के कार्यक्रम व्याक्खायनमाला कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दुनियाभर में भारत की मजबूत भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम विश्व गुरु बनेंगे लेकिन भाषण से नहीं, उसके लिए उदाहरण पेश करना होगा।


मोहन भागवत ने कहा कि अगर आप भारत के हो, को ये स्वभाव आप में है। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाला मुसलमान और ईसाई भारत का है। इस दौरान संघ प्रमुख ने देश में रहने वाले हिंदुओं के बारे में भी बात की।


मोहन भागवत ने क्या कहा 


संघ प्रमुख ने कहा कि देश में ऐसे हिंदू भी हैं, जो खुद को भूल गए हैं और इसी वजह से लोगों ने भी उनको भूला दिया है। देश के अंदर एसी कोशिशें हो रही है कि उनको पूरी तरह भुला दिया जाए। उन्होंने कहा कि हिन्दू चार प्रकार के हैं। पहला वो जो कहते हैं, गर्व से कहो हम हिन्दू हैं। दूसरा वो जो कहते हैं हिन्दू हैं लेकिन गर्व किस बात का। तीसरा वो जो धीरे से बोलेंगे हिन्दू हैं और चौथे वो जो भूल गए हैं, जिनको भुला दिया है और लोग भूल जाए। मोहन भागवत ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता गलत शब्द है, उसे पंथनिरपेक्षता कहना चाहिए।


क्यों हुआ आरएसएस का गठन


मोहन भागवत ने ये भी बताया कि आरएसएस का गठन आखिर किया क्यों गया था। उन्होंने ये साफ किया कि आरएसएस का गठन किसी के विरोध में, किसी के प्रति प्रतिक्रिया देने के लिए नहीं, अपने प्रचार के लिए या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के हित के लिए किया गया था। मोहन भागवत ने कहा कि संघ ने पहले ही तय कर लिया था कि उसका काम सिर्फ संपूर्ण समाज को एकजुट करना है। जो काम अन्य सभी अच्छे कार्यों को पूरा करने में मदद करे और सभी महान उद्देश्यों की पूर्ति करे, वही कार्य आरएसएस का है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
- Advertisment -spot_img

Must Read