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एकता दिवस पर अमित शाह ने एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई, विपक्ष पर कसा तंज


Delhi News: राजधानी दिल्ली में एकता दिवस पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों को एकता शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए विशेष है। उन्होंने कहा कि 2014 से हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के सम्मान में हम एकता दौड़ आयोजित करते हैं। उन्होंने कहा कि आज सरदार साहब की 150वीं जयंती है और इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तय किया है कि इसे एक विशेष आयोजन के रूप में देशभर में मनाया जाए।


अमित शाह ने कहा कि आज़ादी के आंदोलन और आज़ादी के बाद भारत के वर्तमान मानचित्र के निर्माण में सरदार पटेल की बहुत बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने बैरिस्टर की प्रैक्टिस छोड़कर महात्मा गांधी के आह्वान को स्वीकार कर आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लिया। उनकी नेतृत्व क्षमता तब पता चली जब 1928 में किसानों के प्रति अन्याय के खिलाफ बारदोली सत्याग्रह हुआ। उन्होंने कहा कि इस सत्याग्रह के दौरान सरदार साहब के नेतृत्व में किसानों ने आंदोलन शुरू किया और देखते ही देखते एक छोटे से कस्बे से शुरू हुआ आंदोलन देशभर के किसानों का आंदोलन बन गया और अंग्रेज़ों को किसानों की बात माननी पड़ी। शाह ने कहा कि उसी आंदोलन को लेकर महात्मा गांधी ने वल्लभभाई पटेल को सरदार वल्लभभाई पटेल का उपनाम दिया और वहीं से वल्लभभाई पटेल, सरदार पटेल बने।


लक्षद्वीप को भारत का हिस्सा बनाकर सरदार पटेल ने बहुत बड़ा योगदान दिया- अमित शाह


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद अंग्रेज़ों ने देश को 562 रियासतों में बांट दिया और सब लोग चिंतित थे कि इतनी सारी रियासतों में बंटा देश किस प्रकार अखंड भारत बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह सरदार पटेल साहब के प्रयास, दृढ़ता और क्षमता थी कि बहुत कम समय में सभी 562 रियासतों को एकजुट कर वर्तमान भारत का मानचित्र बन सका और उसी से आज के भारत की नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि काठियावाड़, भोपाल, जूनागढ़, जोधपुर, त्रावणकोर और हैदराबाद ने अलग-अलग प्रकार के प्रयास किए लेकिन सरदार साहब की लौह दृढ़ता ने इन सभी का समन्वय करते हुए एक अखंड भारत की रचना की। शाह ने कहा कि उसमें एक ही चीज़ छूट गई थी कि धारा 370 के कारण कश्मीर हमारे साथ पूर्ण रूप से जुड़ना बाकी रह गया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने सरदार साहब का वो काम भी पूरा कर दिया और आज अखंड भारत हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के दिन सभी लोग तिरंगा फहराने में व्यस्त थे और उस वक्त सरदार साहब नेवल वॉरशिप को मॉनीटर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त लक्षद्वीप किसके पास जाएगा यह बहुत बड़ा मसला था और सही समय पर नेवी को लक्षद्वीप भेजकर वहां तिरंगा फहरा कर उसे भारत का हिस्सा बनाकर सरदार पटेल ने बहुत बड़ा योगदान दिया।


विपक्ष पर अमित शाह का तंज


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उस वक्त की विपक्षी सरकारों ने सरदार साहब को उचित सम्मान नहीं दिया और उन्हें भारत रत्न देते देते 41 साल लग गए। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के काम के अनुरूप उनका कोई स्मारक भी नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने संकल्प लिया कि केवडिया कॉलोनी में सरदार साहब का इस प्रकार का स्मारक बनाएंगे जिसे पूरी दुनिया देखती रह जाए। उन्होंने कहा कि वहीं पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का कॉन्सेप्ट रखा गया। शाह ने कहा कि 31 अक्टूबर 2013 को स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की नींव रखी गई और 57 महीनों में बनने वाली 182 मीटर ऊंची सरदार साहब की प्रतिमा आज पूरे देश को एकता का संदेश दे रही है। शाह ने कहा कि सरदार साहब किसानों के नेता थे और इस प्रतिमा के निर्माण में लगने वाला लगभग 25 हज़ार टन लोहा किसानों के औज़ारों को पिघलाकर उपयोग किया गया। लगभग 25 हज़ार टन लोहा, 90 हज़ार घनमीटर कंक्रीट और 1700 टन कांसे से बनी इस विशाल प्रतिमा को अब तक लगभग ढाई करोड़ लोगों ने देखा है।


ये युवा भविष्य के भारत का निर्माण करेंगे- अमित शाह


अमित शाह ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा में सरदार साहब ने जो रास्ता दिखाया है उसी पर आज देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि  सभी राज्यों की पुलिस और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) ने आज प्रधानमंत्री मोदी जी की उपस्थिति में एक भव्य परेड के माध्यम से केवडिया में सरदार साहब को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने तय किया है कि 150वीं जयंती के बाद हर वर्ष एकता परेड को इसी भव्य स्वरूप में मनाकर सरदार साहब को श्रद्धांजलि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार हम एकता दौड़ और शपथ ग्रहण कार्यक्रम को भी विशेष रूप से मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरदार साहब के विचारों को कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पूरे देश, विशेषकर युवाओं, में प्रचलित करने के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण रखने का संकल्प लेने वाले ये युवा भविष्य के भारत का निर्माण करेंगे।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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