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राहत की खबर…यमुना के जलस्तर में कमी, लेकिन दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी भी बरकरार


Delhi Yamuna River: देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लेकिन हाल ही में यमुना के जलस्तर थोड़ा कम हुआ है। फिर भी यह खतरे के निशान 205.33मीटर से काफी ऊपर है, जिसके कारण अभी भी दिल्ली के कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बता दें, भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने यमुना के उफान को बढ़ाया है, जिससे यमुना बाजार, मयूर विहार, कश्मीरी गेट, वासुदेव घाट और झरोड़ा कलां जैसे क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। 


दिल्ली में बाढ़ की वर्तमान स्थिति


ताजा जानकारी के अनुसार, पुराने यमुना पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर सुबह आठ बजे तक 206.52मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 205.33मीटर से ऊपर है। तो वहीं, शुक्रवार  05सितंबर की रात आठ बजे तक ओल्ड रेलवे ब्रिज-ORB पर जलस्तर 206.95मीटर दर्ज किया गया था, जबकि 4सितंबर को 207.48मीटर दर्ज किया गया। शाम 6बजे जलस्तर 207.12मीटर और शाम 5बजे 207.16मीटर दर्ज किया गया था।


हालांकि, नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण दिल्ली के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, लगभग 10,000लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 8,018लोगों को टेंटों में और 2,030लोगों को 13स्थायी शेल्टरों में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस और दमकल विभाग बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।


प्रभावित क्षेत्र और राहत कार्य


यमुना के बढ़ते जलस्तर ने दिल्ली के उत्तर, उत्तर-पूर्व, शाहदरा, पूर्वी, मध्य और दक्षिण-पूर्व जिलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। यमुना बाजार, मोनास्ट्री मार्केट, कश्मीरी गेट और वासुदेव घाट जैसे इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं। मयूर विहार और कालिंदी कुंज में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को भोजन, पानी और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। वासुदेव घाट के आसपास जलभराव को कम करने के लिए पानी निकालने वाली मशीनें भी लगाई गई हैं।


दिल्ली में बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन ने सभी 13रेगुलेटर नालों को बंद कर दिया है, ताकि पानी का बैकफ्लो रोका जा सके। ड्रोन विजुअल्स में सिग्नेचर ब्रिज और पुराने रेलवे ब्रिज के पास बाढ़ की गंभीर स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। कश्मीरी गेट के पास ISBT क्षेत्र भी जलमग्न है, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 


दिल्ली में बाढ़ के कारण


यमुना में जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज, वजीराबाद बैराज और ओखला बैराज से छोड़ा गया पानी है। मालूम हो कि 02 सितंबर 2025 को हथिनीकुंड बैराज से 1,70,728 क्यूसेक, वजीराबाद से 1,25,485 क्यूसेक और ओखला से 1,65,145 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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