HomeUTTAR PRADESHबाढ़ से जूझते पंजाब के लिए आगे आए केजरीवाल, कहा

बाढ़ से जूझते पंजाब के लिए आगे आए केजरीवाल, कहा


Punjab Flood Crisis: पंजाब में इस समय बाढ़ ने भयावह स्थिति पैदा कर दी है। सतलुज, ब्यास और रावी जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके कारण गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर, कपूरथला और फाजिल्का जैसे कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों की संख्या में गांव जलमग्न हो चुके हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। वहीं. अब इस संकट की घड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि AAP के सभी सांसद और विधायक अपनी एक महीने की सैलरी पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे, ताकि बाढ़ पीड़ितों की मदद की जा सके।


केजरीवाल ने की पंजाब की जनता से अपील


पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अरविंद केजरीवाल ने इस संकट के समय पंजाब के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने सांसदों और विधायकों से एक महीने की सैलरी राहत कोष में दान करने की अपील की है। यह कदम न केवल आर्थिक मदद प्रदान करेगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि AAP नेतृत्व संकट की इस घड़ी में अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को पीड़ितों के साथ खड़े होने के लिए प्रेरित कर रहा है। केजरीवाल ने कहा ‘पंजाब हमारा परिवार है और इस मुश्किल समय में हम सबको मिलकर उनके दुख को कम करना है। हमारी पार्टी पूरी तरह से राहत कार्यों में जुटी है और यह सैलरी दान हमारी प्रतिबद्धता का एक छोटा सा हिस्सा है।’


पंजाब में बाढ़ का कहर और राहत-बचाव कार्य


इस समय पंजाब भारी बारिश की वजह से डूब चुका है। माझा क्षेत्र, जिसमें गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन शामिल हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। रावी और व्यास नदियों के उफान के कारण कई गांवों में पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। अब तक 11,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और NDRF, SDRF, सेना और BSF की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।


पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मंत्रियों को विभिन्न जिलों में राहत कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, हरभजन सिंह ईटीओ और अन्य नेता प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं, जो भोजन, स्वच्छ पानी, मेडिकल कैंप और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलावा आबकारी और कर विभाग ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 50 लाख रुपये का योगदान दिया है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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