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वक्फ बोर्ड घोटाले मामले में बुरी तरह फंसे अमानतुल्लाह खान समेत 11 लोग, दिल्ली कोर्ट ने सुनाया फैसला


Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में एक बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान और 10अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं। जबकि अन्य नौ आरोपियों पर साजिश रचने का आरोप तय किया गया है।


राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला


बता दें, 28जुलाई को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज दिग विनय सिंह ने अमानतुल्लाह खान, महबूब आलम, हामिद अख्तर, किफायतुल्लाह खान, रफीशन खान, इमरान अली, मोहम्मद अहरार, आकिब जावेद, अजहर खान, जाकिर खान और अब्दुल मन्नार के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए। कोर्ट ने पाया कि खान ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए गैरकानूनी नियुक्तियां कीं। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसमें आरोपियों को अपने बचाव में सबूत पेश करने का मौका मिलेगा।


क्या है पूरा मामला?


दरअसल, यह मामला 2016से 2021तक दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित अवैध नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए 23नवंबर 2016को FIR दर्ज की थी। जिसके बाद CBI ने 21अगस्त 2022को अमानतुल्लाह खान और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि अमानतुल्लाह खान ने 2016से 2021तक दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबियों को बोर्ड में विभिन्न पदों पर अवैध रूप से नियुक्त किया। जिससे सरकारी खजाने को 27.2लाख रुपये का नुकसान हुआ।


CBI के अनुसार, कुल 41नियुक्तियों में से केवल 22के लिए विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे। लेकिन बाकी बची नियुक्तियां गलत तरीके से अमानतुल्लाह खान के कहने पर की गई। इनमें से कई नियुक्तियों में नियमों का पालन नहीं किया गया और पारदर्शी प्रक्रिया का अभाव था। CBI जांच से पता चला कि अमानतुल्लाह खान ने बोर्ड के CEO सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपने करीबी लोगों को नियुक्त किया। जिसके बाद CBI ने 18जुलाई 2025को एक पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें खान और उनके सहयोगियों के खिलाफ कई सबूत पेश किए गए।


क्या कहती ED की जांच?


दूसरी तरफ, इस मामले में ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। ED ने 2 सितंबर 2024 को अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार किया था। लेकिन 14 नवंबर 2024 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने अभियोजन स्वीकृति की कमी के कारण उनकी जमानत दे दी थी। ED ने दावा किया कि खान ने अवैध नियुक्तियों और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के अनुचित पट्टों के माध्यम से 36 करोड़ रुपये की राशि का हेरफेर किया। जिसे उनके सहयोगियों के नाम पर संपत्तियों में निवेश किया गया। ED ने 29 अक्टूबर 2024 को 110 पेज की पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें खान और उनकी दूसरी पत्नी मरियम सिद्दीकी को भी आरोपी बनाया गया था।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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