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हरेला पर्व पर जनपद रुद्रप्रयाग में हुआ लक्ष्य से अधिक पौधारोपण, मुख्यमंत्री धामी के ग्रीन उत्तराखंड विजन को मिला जनसमर्थन

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रकृति प्रेम एवं “ग्रीन उत्तराखंड” के विजन को मूर्त रूप देने तथा पर्यावरण पहल के अनुक्रम में आज जनपद रुद्रप्रयाग में हरेला पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व स्वयं जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा किया गया। ‘ग्रीन रुद्रप्रयाग’ एवं ‘फल खाओ, बीज लगाओ’ जैसे अभियानों को व्यापक जनसमर्थन मिला जिससे पूरे जनपद में त्यौहारनुमा माहौल बन गया। जिला स्तरीय अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, विभिन्न विभाग के कर्मचारियों, पुलिस बल, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्वयं सहायता समूह, सामाजिक संगठनों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनमानस, सभी ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन की इस पहल से स्वयं को जोड़ा। परिणामस्वरूप, ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘ग्रीन रूद्रप्रयाग’ जैसी पहल ने महाअभियान का स्वरूप लिया तथा हरेला पर्व के पहले ही दिन जनपद में पौधारोपण का आंकड़ा 43,229 पहुंच गया। जियो टैगिंग एवं अन्य तकनीकी टूल के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग द्वारा ये आंकड़े जुटाए गए।
मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जवाड़ी स्थित रतनपुर क्षेत्र में हुआ, जहां जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, एनसीसी/एनएसएस स्वयंसेवकों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित लोगों को मतदाता जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है, जो हमें प्रकृति के प्रति आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने जनपद वासियों से अपील की कि लगाए गए पौधों की देखरेख भी उतनी ही जिम्मेदारी से की जाए, जिससे वे वटवृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पर्यावरण प्रदान कर सकें।

विविध प्रजातियों के पौधरोपण से होगा पर्यावरणीय लाभ

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि विशेष रणनीति के तहत जनपद में विविध प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया, जिसमें आंवला, कचनाल, आम, लीची, जामुन, अमरूद और क्यूराल जैसे बहुउपयोगी और स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया गया। इनमें फलदार व छायादार दोनों प्रकार के पौधे शामिल थे, ताकि आने वाले वर्षों में ये न सिर्फ पर्यावरणीय लाभ दें, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आर्थिकी का भी साधन बन सकें। विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण हेतु विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण करने के साथ साथ जनजागरूकता अभियान में भी भाग लिया। गांवों और कस्बों में भी स्थानीय जनमानस ने सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रमों में भाग लिया।

केदारनाथ मंदिर परिसर एवं यात्रा मार्ग पर हुआ भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम

हरेला पर्व के पावन अवसर पर केदारनाथ मंदिर परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक ठोस पहल करना रहा। मंदिर परिसर क्षेत्र में 150 विभिन्न प्रकार के वातावरण अनुकूल पौधों का रोपण किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से हिमालयी क्षेत्र में पनपने वाली प्रजातियाँ सम्मिलित थीं। यह पौधे न केवल प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाएंगे, बल्कि तीर्थ यात्रियों को स्वच्छ वायु और पर्यावरणीय सुरक्षा भी प्रदान करेंगे। इसी प्रकार, यात्रा मार्ग पर भी विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी बन गई है। उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि वे भविष्य में एक समृद्ध और हरा-भरा केदारनाथ क्षेत्र विकसित करने में सहायक बन सकें।

विभिन्न विभागों, कर्मियों, आम जनता के समन्वित सहयोग से पाया जादुई आंकड़ा

जिला स्तरीय अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, कर्मियों, पुलिस बल, स्कूली छात्र-छात्राएं, स्वयं सहायता समूह, सामाजिक संगठनों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनमानस तक सभी के समन्वित सहयोग से जनपद रुद्रप्रयाग ने लक्ष्य से अधिक पौधारोपण का आंकड़ा प्राप्त किया। लाइव ट्रैकिंग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विकासखंड़ अगस्त्यमुनि में 15,249 पौधारोपण, विकासखंड़ जखोली में 13,867 पौधारोपण, विकासखंड़ उखीमठ में 7,502 पौधारोपण, कृषि विभाग द्वारा 1,139 पौधारोपण, शिक्षा विभाग द्वारा 3,449 पौधारोपण, पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 116, उद्यान विभाग द्वारा 72, चिकित्सा विभाग द्वारा 688, वन विभाग द्वारा 1,120 परिवहन विभाग एवं नगरपालिकाओं द्वारा पौधारोपण किया गया। आम जनमानस एवं सुलभ, पीआरडी तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की विशेष भूमिका रही, जिससे जनपद रुद्रप्रयाग ने माननीय मुख्यमंत्री के “ग्रीन उत्तराखंड” के विजन को मूर्त रूप देने में अहम योगदान दिया।
हरेला पर्व पर इस तरह की व्यापक जनसहभागिता यह प्रमाणित करती है कि रुद्रप्रयाग जनपद प्रदेश के हरित भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने को संकल्पबद्ध है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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