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अहमदाबाद प्लेन क्रैश में सीट 11A ने बचाई रमेश की जिंदगी, जानें इस चमत्कार के पीछे का राज


Ahmedabad-London Air India Plane Crash:  गुरुवार 12जून को गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में अब तक 265लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें 230यात्री और 12क्रू मेंबर्स सवार थे। मरने वालों में हॉस्टल में रहने वाले 24लोग भी शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में केवल एक यात्री, 40वर्षीय ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वश कुमार ही जीवित बचे, जो सीट 11A पर बैठे थे और आपातकालीन निकास द्वार के पास होने के कारण बच गए। उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर है। बता दें, 11A की यह सीट विमान में सबसे कम पसंद की जाने वाली सीटों में से एक है। तो आइए जानते हैं कि सीट 11A आखिर कहां होती है और इसने कैसे रमेश की जान बचाई?


विमान से बाहर कूदे थे रमेश


रमेश विश्वास कुमार एक 40वर्षीय ब्रिटिश नागरिक है। जो अपने भाई अजय कुमार रमेश के साथ लंदन जा रहा था। हादसे के दौरान विश्वास सीट 11A पर बैठे थे। जानकारी के अनुसार, विमान ने उड़ान भरने के 30सेकंड के अंदर ही तकनीकी खराबी का संकेत दिया और इसके बाद एक जोरदार झटके के साथ यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रमेश ने बताया कि उन्होंने एक जोरदार धमाका के साथ पायलट की आपातकालीन कॉल सुनी। इसके बाद उन्होंने तुरंत इमरजेंसी एग्जिट का उपयोग करके विमान से बाहर कूदने का फैसला किया।


रमेश की सीट 11A थी, जो इमरजेंसी एग्जिट के पास थी। जिस वजह से वह तुरंत दरवाजे तक पहुंच सके और बाहर कूद गए। हालांकि, इस प्रक्रिया में उन्हें इम्पैक्ट इंजरी हुईं। जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के असरवा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन दुख की बात यब रही कि इस हादसेमें उनके भाई की मौत हो गई। 


सीट 11A कहां होती है?


विमान की संरचना और सीटों का लेआउट हर मॉडल और एयरलाइन के कॉन्फ़िगरेशन पर निर्भर करता है। बोइंग 787-8ड्रीमलाइनर में आमतौर पर तीन श्रेणियों की सीटें होती हैं – बिजनेस, प्रीमियम इकोनॉमी, और इकोनॉमी। सीट 11A इकोनॉमी क्लास के पहले हिस्से में स्थित थी, जो मुख्य केबिन के करीब थी। वहीं, यह सीट विमान के इमरजेंसी एग्जिट के पास थी। जिस वजह से रमेश की जान बच सकी।


सीट 11A कितनी सुरक्षित है?


विमान हादसों पर की गई जांच से पता चलता है कि कुछ सीटें दूसरों की तुलना में सुरक्षित हो सकती हैं। विमान के पिछले हिस्से की सीटें अक्सर हादसों में सुरक्षित मानी जाती हैं। क्योंकि टकराव के दौरान विमान का अगला हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित होता है। हालांकि, सीट 11A जो इमरजेंसी एग्जिट के पास थी ने इस मामले में एक अपवाद प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि रमेश की त्वरित प्रतिक्रिया और इमरजेंसी एग्जिट की निकटता में सीट 11A में अहम भूमिका निभाई है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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