फिलिस्तीन (Palestine) के शहर गाज़ा में हो रहे नरसंहार (Gaza Genocide) के बीच एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। इजराइल हमास के नाम पर गाज़ा शहर पर बमबारी कर न सिर्फ निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों की हत्याएं कर रहा है बल्कि उनके मृत्य शरीर से बॉडी पार्ट्स (Organs) भी चुरा रहा है। पहले से युद्ध नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे इजराइल ने अब अपनी बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं।
फिलिस्तीन के गाज़ा शहर में इजराइली फोर्स का नरसंहार जारी है। ऐसे में हमास के नाम पर इजराइल फिलिस्तीन (Palestine) के निर्दोष नागरिकों और बच्चों का कत्लेआम कर रहा है। वहीं, एजे-प्लस (AJ+) न्यूज़ मीडिया की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में इजराइल ने गाज़ा स्वास्थ्य अथॉरिटी को 80 से अधिक फिलिस्तीनियों की डेड बॉडी वापस की है। बताया जा रहा है कि गाज़ा नरसंहार (Gaza Genocide) में मारे गए निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों की डेड बॉडी को गाज़ा से चोरी-छुपे इजराइल (Israel) ले जाया गया, जहां उनके बॉडी पार्ट्स (Organs) निकाल लिए गए।
गाज़ा नरसंहार में मारे गए निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों की डेड बॉडी का जब डॉक्टर ने निरीक्षण किया तो पाया की शरीर के कई बॉडी पार्ट्स (Organs) गायब हैं। गाज़ा अथॉरिटी ने इज़राइली फोर्स पर बॉडी पार्ट्स (Organs) चुराने का संगीन आरोप लगाया है। इससे पहले इज़राइली फोर्स ने गाज़ा के दर्जनों कब्रिस्तान में दो हजार से ज्यादा कब्रों को ध्वस्त कर दिया था।
गौरतलब है कि, पांच माह से लगातार जारी इजरायल-हमास युद्ध में अब तक 32,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इनमें 13,000 से अधिक बच्चे और 9,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में लोग या तो लापता हैं या फिर मलबे में दबे हुए हैं। गाजा की लगभग 23 लाख आबादी आंतरिक रूप से विस्थापित हो गई है।
इज़राइल की नाकाबंदी से गाज़ा के युद्ध पीड़ितों तक भोजन, स्वच्छ पानी, दवा, ईंधन, बिजली और संचार मुहैया नहीं हो पा रहा है, जिससे गाजा पट्टी में मानवीय संकट पैदा हो गया और स्वास्थ्य सेवा ध्वस्त हो गई।
Gaza Genocide: गाजा में नरसंहार पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ की रिपोर्ट
हमास ने इज़राइल और अन्य के साथ बातचीत में कहा कि वह युद्धविराम, विस्थापित फ़िलिस्तीनियों की वापसी और कैदियों की अदला-बदली की अपनी मूल स्थिति पर कायम रहेगा।
उत्तरी गाजा में अल-शिफा अस्पताल के आसपास लड़ाई अभी भी जारी है, जबकि खान यूनिस में अल-अमल अस्पताल इजरायली घेराबंदी के बाद सेवा से बाहर है।
संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष संवाददाता की रिपोर्ट में कहा गया है कि गाजा में इजरायली कार्रवाई कई आधारों पर नरसंहार कृत्यों की सीमा को पूरा करती है और कार्रवाई का आह्वान किया गया है।
इजरायली मंत्री गिदोन सार और एक अन्य सहयोगी ने बेंजामिन नेतन्याहू की आपातकालीन सरकार से इस्तीफा दे दिया है, जिसका पालन करने के लिए दूसरों पर दबाव पड़ सकता है।
यूएनआरडब्ल्यूए ने कहा कि यदि मानवीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई तो भूख और इजरायली सेना द्वारा लगाई गई अन्य शर्तों से अधिक लोग मर जाएंगे।









