लखनऊ। उत्तर रेलवे मंडल के प्रतापगढ़ स्टेशन का रेलवे लोको पायलट लाबी दबंगों के शिकंजे में, निलंबित बाबू का नहीं हो रहा बालबांका रेलवे का एक अधिकारी डीईई भ्रष्ट बाबू बिट्टू सिंह के बचाव में उतरा पूरे लोको लाबी में कर्मचारियों में हड़कंप बिट्टू सिंह अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दे रहा है। मिली जानकारी के अनुसार विगत लगभग एक हफ्ते पहले एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें संबंधित स्टेशन पर तैनात चीफ क्रू कंट्रोलर का बाबू बिट्टू सिंह खुलेआम सुल्तानपुर स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के डिब्बे के सामने भुक्तभोगी से दो हजार रुपया रिश्वत ले रहा है जिसकी खबर मीडिया में चलते ही उक्त बाबू बिट्टू सिंह एवं एक डीईई बौखला गया और दिन भर आफिस में बैठाकर सुलह समझौते के लिए धमकाकर दबाव बनाता रहा लेकिन खबर चलते ही मामला उजागर हुआ और अंतोगत्वा उक्त भ्रष्ट बाबू बिट्टू सिंह को निलंबित करना पडा लेकिन सबसे मजे की बात तो ये है कि समाचार प्रकाशन तक विभाग बाबू को अभी तक कोई भी आरोप पत्र नहीं दिया जबकि निलंबित कर्मचारी को तत्काल एसएफ 1 रेल प्रशासन जारी करता है और भुक्तभोगी न्याय के लिए मंडल के अधिकारियों का दरवाजा खटखटा चुका है लेकिन अभी तक कही से भी न्याय नहीं मिला है। जबकि एक रेलवे लोको पायलट 24 घंटे जान जोखिम में डालकर ट्रेन चलाता है। सूत्र बताते हैं कि बिट्टू सिंह का खौफ इतना छाया हुआ है कि कोई भी कर्मचारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है जबकि जितने भी कर्मचारी हैं सभी से ये वसूली कर चुका है अगर इनकी गोपनीय ढंग से रेलवे प्रशासन कराये तो सच्चाई सामने आ जायेगी यहां तक कि अगर परिवार का विवरण भी देना है तो उसका रेट दो सौ रुपया है डीईई आरएसओ बोलता है कि लेने वाले से अधिक दोषी देने वाला है गजब का डीईई एंव सीडीईई। शिकायत कर्ता प्रशांतमणि पांडेय ने एक लिखित शिकायत पत्र पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता लखनऊ को भेजा है जिसमें अपने जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। एक लिखित शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि प्रार्थी एलपीएस के पद पर डठक्च् प्रतापगढ़ में तैनात है विगत कुछ दिनों से प्राथी को स्टेशन के बाहर आते जाते समय जान से मारने की धमकी दी जा रही है इसके पहले भुक्तभोगी रेल कर्मचारी के ऊपर अज्ञात लोगों द्बारा जानलेवा हमला हो चुका है तथा प्रार्थी के साथ कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है अतः प्राथी को सुल्तानपुर स्टेशन पर तैनात करें। सूत्रों ने बताया कि बिट्टू सिंह चतुर्थ श्रेणी से बाबू के पद पर प्रमोट होकर आया है। उक्त बाबू एक अधिकारी के नाम पर एक और रेलवे कर्मचारी से अपने खाता में पैसा आन लाइन ले चुका है आखिर क्यों बचाना चाहते हैं अधिकारी बिट्टू सिंह को कहीं कोई राज तो नहीं है छिपा। दर्जनों लोको पायलट अधिकारी एवं बाबू के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए सक्रिय हो चुके हैं।









