प्रकरण संज्ञान में है जांच कराकर की जायेगी कार्यवाही-एसडीएम
जलालपुर,अम्बेडकरनगर। पैतृक संपत्ति के वसीयत के मामले में पिता व पुत्रों के बीच कानूनी दांव पेंच का दिलचस्प मामला सामने आया है जिसमें पिता द्वारा लेखपाल को मोटी रकम देकर न्यायालय में विचाराधीन विरासत अपने नाम दर्ज करने का आरोप पुत्रों द्वारा लगाया गया है। तहसील क्षेत्र के अशरफपुर भुआ गांव निवासी भाइयों वीरेंद्र और देवेंद्र ने बताया कि उसके बाबा राम लखन ने पिता हौसला प्रसाद की नशे की लत को देखते हुए अपने जीवन काल में ही दोनों भाइयों के नाम रजिस्टर्ड वसीयत कर दी थी। दादा की मृत्यु के बाद रजिस्टर्ड वसीयत के आधार पर वसीयत हेतु जलालपुर तहसीलदार न्यायालय में वाद दायर किया गया। जिसकी जानकारी होने पर मेरे पिता द्वारा इस पर आपत्ति दाखिल की गई जो तब से तहसीलदार के न्यायालय पर विचाराधीन है। वर्ष 2021 में मेरे पिता हौसला प्रसाद के द्वारा वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया लेकिन तत्कालीन लेखपाल देवनारायण शुक्ल द्वारा जांच पड़ताल में रजिस्टर्ड वसीयत तथा उस आपत्ति होने के कारण आवेदन को विवादित श्रेणी में करते हुए तहसीलदार न्यायालय को सूचित किया गया लेकिन बीते दिनों दोबारा पिता द्वारा वरासत के लिए ऑनलाइन आवेदन पर हल्का लेखपाल अरुण यादव द्वारा मोटी रकम की प्रभाव में आकर न्यायालय की अवहेलना करते ही वरासत दर्ज कर दिया। इसकी जानकारी होने पर वीरेंद्र कुमार व देवेंद्र कुमार द्वारा जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित तहसील दिवस में दर्जनों बार शिकायती पत्र देकर लेखपाल पर विधिक कार्यवाही करते हुए बर्खास्त करने की मांग की गई है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी पवन जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच करवाकर उचित कार्यवाही की जाएगी।









