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दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम की तैयारी…फिर शुरू होगी साझा टैक्सी सेवाएं! बढ़ेंगे फिटनेस जांच केंद्र

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App-Based Bus Service Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार एक बार फिर साझा टैक्सी सेवाएं (शेयर राइड) शुरू करने पर विचार कर रही है। ये सेवाएं कोविड-19 महामारी के दौरान बंद कर दी गई थीं। अधिकारियों के अनुसार, सरकार का मानना है कि साझा यात्रा से सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होंगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण होगा।


 


कंपनियों के साथ सरकार की बैठक


 


सरकार जल्द ही ओला, उबर जैसी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क कंपनियों के साथ बैठक करने वाली है। इस बैठक में यात्रियों को बेहतर और सस्ती सुविधा देने के साथ-साथ साझा टैक्सी सेवाओं को दोबारा शुरू करने पर चर्चा होगी। सरकारी बयान के मुताबिक, इसका उद्देश्य लोगों को सुविधाजनक और किफायती परिवहन उपलब्ध कराना है।


 


सीएम ने बताया मुख्य लक्ष्य


 


सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की परिवहन नीति का मुख्य लक्ष्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना है, ताकि लोगों को रोजाना आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कैब कंपनियों के संपर्क में है और उनसे साझा राइड को प्राथमिकता देने, महिला ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल सेवाओं को बढ़ावा देने की उम्मीद है।


 


सीएम ने बताया कि प्रस्तावित बैठक में शेयर टैक्सी सेवाओं की बहाली, महिला ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाने और निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को टैक्सी सेवाओं से जोड़ने जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा। सरकार चाहती है कि कम वाहनों में ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सस्ते तरीके से सफर कराया जा सके,जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों कम हों।


 


बढ़ेगी फिटनेस जांच केंद्र


 


प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार स्वचालित वाहन फिटनेस जांच केंद्रों की संख्या भी बढ़ा रही है। झुलझुली स्थित फिटनेस सेंटर पहले से काम कर रहा है, जहां हर साल करीब 70 हजार वाहनों की जांच होती है। वहीं बुराड़ी स्थित केंद्र को अपग्रेड किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नंद नगरी और टेकहैंड में दो नए केंद्र मार्च तक शुरू हो जाएंगे। ये चारों केंद्र मिलकर हर साल करीब 2.5 से 3 लाख वाणिज्यिक वाहनों की फिटनेस जांच कर सकेंगे। इसके अलावा, बवाना, गाजीपुर, सावदा घेवड़ा, जीटीके डिपो और दिचाऊ कलां में पांच नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।


 


रिपोर्ट्स में आया सामने


 


रेखा गुप्ता ने कहा कि कई शोध रिपोर्ट्स में ये साफ हो चुका है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली के प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसके साथ ही, दिल्ली मेट्रो फेज-5ए के कुछ कॉरिडोर को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, जिससे मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। सरकार का कहना है कि ये कदम दिल्ली को लंबे समय में स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में अहम साबित होंगे।   

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