Rekha Gupta Attack: दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीन सैय्यद को गिरफ्तार किया है। तहसीन, जो राजकोट, गुजरात का निवासी है, को दिल्ली लाया गया और रविवार, 25 अगस्त 2025 को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, तहसीन ने मुख्य आरोपी राजेश भाई खिमजी सकारिया को हमले से पहले 2000 रुपये ट्रांसफर किए थे। तहसीन को पहले राजकोट में हिरासत में लिया गया था, जहां से उसे दिल्ली लाकर पूछताछ की गई और राजेश के साथ आमने-सामने करवाकर तथ्यों की पुष्टि की गई।
यह हमला 20 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सिविल लाइन्स कैंप कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान हुआ था। राजेश, एक ऑटोरिक्शा चालक, ने खुद को शिकायतकर्ता बताकर प्रवेश किया और मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू की है और राजेश के पांच अन्य दोस्तों से भी पूछताछ की है ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने राजेश का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिटाई या नहीं।
राजेश का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, राजेश भाई खिमजी सकारिया का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। 2017 से 2024 के बीच राजकोट के भक्तिनगर थाने में उसके खिलाफ मारपीट और अवैध शराब रखने के पांच मामले दर्ज हैं। 2017 में उसने तलवार से एक व्यक्ति पर हमला किया था, और 2022 में अपनी पत्नी से झगड़े के बाद ब्लेड से खुद को घायल कर परिवार को धमकाया था। 2021 में उसे बॉम्बे पुलिस एक्ट के तहत राजकोट से निष्कासित भी किया गया था।
आगे की जांच और सुरक्षा चिंताएं
दिल्ली पुलिस ने राजेश और तहसीन के अलावा दस से अधिक लोगों से पूछताछ की है, जिसमें उनके दोस्त और रिश्तेदार शामिल हैं। राजेश ने दावा किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना चाहता था। हालांकि, पुलिस इस दावे को संदिग्ध मान रही है और साजिश की गहराई तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है। इस घटना ने जन सुनवाई जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।









