FasTag Rules: देश में बड़ी संख्या में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं। जिससे सड़कों की स्थिति बेहतर हो रही है और अब लोग लंबी दूरी की यात्रा भी अपनी कार से करना पसंद करने लगे हैं। ऐसे हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्थिति बेहतर रखने के लिए सरकार की ओर से टोल टैक्स को फास्टैग से लिया जाता है। लेकिन किस छोटी सी गलती के कारण आपको न सिर्फ परेशानी हो सकती है बल्कि दोगुना टोल भी देना पड़ सकता है। जहां देश में सड़कों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है वहीं दूसरी ओर हर महीने लाखों कारों की बिक्री भी होती है। लेकिन अधिकतर लोगों को कम जानकारी होने के कारण टोल टैक्स पर दोगुना टोल देना पड़ जाता है। जिससे लोग काफी ज्यादा दुखी भी होते हैं।
क्या है नियम
फास्टैग को सरकार की ओर से सभी तरह की कारों के लिए पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। अब शोरूम पर ही नई कार खरीदते हुए फास्टैग को जारी कर दिया जाता है। लेकिन कम ही लोगों को इस बात की जानकारी होती है कि अब फास्टैग को गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ लिंक करना भी अनिवार्य है। ऐसा न करने के कारण कुछ समय के बाद ही यह ब्लॉक भी हो जाता है। जिसके बाद टोल बैरियर पर दोगुना टोल देना पड़ जाता है।
फास्टैग से होती है आसानी
भारत में सभी तरह की कारें, बस, ट्रक जैसे वाहनों के लिए सरकार की ओर से फास्टैग को काफी पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। फास्टैग के कारण नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और एक्सप्रेस वे पर सफर करने में काफी आसानी होती है। इसके कारण टोल टैक्स कुछ ही सेकेंड में दिया जा सकता है और कैश देने पर लगने वाले समय की बचत की जा सकती है।









