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क्यों Gen-Z को चढ़ रहा डाइट कोल्ड ड्रिंक्स का नशा? जानें सेहत के लिए कितना है फायदेमंद

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Diet Cold Drinks Obsession In Gen-Z: डाइट कोल्ड ड्रिंक्स का जादू फिर से सिर चढ़कर बोल रहा है, खासकर जेन Z में। स्ट्रेस हो, थकान हो, या बस चिल करने का मूड, ये ‘फ्रिज सिगरेट’ हर जगह छाई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट 2022में 18.25बिलियन डॉलर का था और हर साल 19.8%की स्पीड से बढ़ रहा है। 2027तक ये 49.34बिलियन तक पहुंच सकता है, यानी 22%की रफ्तार से ग्रोथ। जेन Z इसे कॉफी या सिगरेट ब्रेक की तरह यूज कर रही है, लेकिन क्या ये सचमुच कूल है या हेल्थ का गेम डाउनर?


हेल्दी वाइब या हिडन डेंजर?


डाइट कोल्ड ड्रिंक्स में शुगर जीरो और कैलोरी कम होती है, लेकिन ये हेल्थ ड्रिंक नहीं है। इनमें एस्पार्टेम और एसेसल्फेम पोटैशियम जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म और गट हेल्थ को मेस अप कर सकते हैं। WHO कहता है कि 70किलो के इंसान के लिए 9-14कैन तक ठीक है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं, माइग्रेन वालों या दौरे की बीमारी वालों के लिए ये रिस्की है। एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. वैशाली नाइक का कहना है कि डायबिटीज वालों के लिए ये शुगरी ड्रिंक्स से बेटर है, लेकिन ज्यादा पीने से गट बैक्टीरिया और शुगर क्रेविंग्स बढ़ सकती हैं।


लत से छुटकारा और कूल ऑप्शंस


डाइट ड्रिंक का डोपामाइन रश तो मजेदार है, खासकर वो ‘फ्स्स’ वाली आवाज और ठंडी कैन का फील! लेकिन डॉ. शोरूक मोटवानी कहते हैं कि असली प्रॉब्लम आदत है, न कि ड्रिंक। अगर तुम इसे स्ट्रेस बस्टर की तरह यूज कर रहे हो और कंट्रोल नहीं कर पा रहे, तो ये लत बन सकती है। सॉल्यूशन? स्पार्कलिंग वॉटर, कोम्बुचा, या हर्बल आइस्ड टी ट्राई करो। थोड़ी सैर, डीप ब्रीदिंग, या स्ट्रेचिंग भी गेम चेंजर हो सकती है। तो, जेन Z, इस ‘फ्रिज सिगरेट’ को डिच करके हेल्थी वाइब्स अपनाओ।

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