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‘कुछ खास है’ से ‘हर घर कुछ कहता है’ तक, एड मास्टर पीयूष पांडे का 70 वर्ष की उम्र में निधन

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Piyush Pandey Death: हमारा बजाज से मिले सुर मेरा तुम्हारा तक…ऐसे कई फेमस एडवरटाइजिंग कैंपेन से जुड़े और विज्ञापन की दुनिया के मशहूर नाम पीयूष पांडे ने गुरुवार को अपनी अंतिम सांस ली। उन्होंने साल 1982 में ओगिल्वी के साथ काम करना शुरू किया। साथ ही चार दशकों से ज्यादा समय तक ओगिल्वी इंडिया के साथ जुड़े रहे। केवल 27 साल की उम्र में पीयूष ने अंग्रेजी-प्रभुत्व वाले एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री में प्रवेश किया।


पीयूष पांडे की मौत की खबर ने पूरे देश को उदास कर दिया है। इस बीच बिजनेसमैन सोहेल सेठ ने सोशल मीडिया के जरिए पीयूष पांडे की मौत पर शोक जताया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मेरे सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे जीनियस को खोने से मैं बहुत ज्यादा दुखी और टूट गया हूं। देश ने सिर्फ़ एक महान एडवरटाइजिंग माइंड ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बहुत अच्छे इंसान को खो दिया है।”


आगे सोहेल लिखते हैं, “अब स्वर्ग में ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर डांस होगा।”


पीयूष गोयल ने भी जताया शोक


पीयूष पांडे के निधन की खबर सुनते ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से शोक जताया। उन्होंने लिखा, “पद्म श्री पीयूष पांडे के निधन पर अपनी उदासी ज़ाहिर करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। एडवरटाइजिंग की दुनिया में एक महान हस्ती, उनकी क्रिएटिव जीनियस ने कहानी कहने के तरीके को फिर से परिभाषित किया और हमें यादगार और हमेशा याद रहने वाली कहानियां दीं।”


आगे पीयूष गोयल लिखते हैं कि “मेरे लिए, पीयूष पांडे एक ऐसे दोस्त थे, जिनकी चमक उनकी सच्चाई, गर्मजोशी और हाज़िरजवाबी में दिखती थी। मैं हमेशा उनके साथ हुई अपनी दिलचस्प बातचीत को याद रखूंगा। वह अपने पीछे एक गहरा खालीपन छोड़ गए हैं, जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।”


विज्ञापन जगत का मशहूर चेहरा


साल 1955 में जयपुर के एक परिवार के घर में एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री के दिग्गज पीयूष पांडे का जन्म हुआ। उनके टोटल नौ भाई-बहन थे, जिनमें सात बहनें और दो भाई थे। पीयूष के पिता एक बैंक कर्मचारी थे।  


साथ ही, एडवरटाइजिंग की दुनिया के इस कलाकार ने कई सालों तक क्रिकेट भी खेला था। पीयूष पांडे ने एशियन पेंट्स के लिए ‘हर खुशी में रंग लाए,’ कैडबरी के लिए ‘कुछ खास है,’ और फेविकोल और हच जैसे ब्रांडों के लिए विज्ञापन बनाए। यहां तक कि इन्होंने “अबकी बार मोदी सरकार” जैसे फेमस पॉलिटिकल नारे भी दिए। 

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