Wednesday, May 6, 2026
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HomeUTTAR PRADESHआज से पहला बड़ा मंगल, जानें महत्व, पूजन विधि और नियम

आज से पहला बड़ा मंगल, जानें महत्व, पूजन विधि और नियम

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Bada Mangal 2025: आज ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल है, जो हनुमान जी को समर्पित एक विशेष धार्मिक पर्व है। उत्तर भारत, विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर, और वाराणसी में इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं, और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।


महत्व


पौराणिक कथा: मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी और भगवान श्रीराम की पहली मुलाकात ऋषिमूक पर्वत पर हुई थी। इस कारण इस दिन को बड़ा मंगल कहा जाता है।


बुढ़वा मंगल:एक अन्य कथा के अनुसार, महाभारत काल में हनुमान जी ने वृद्ध वानर के रूप में भीम का घमंड तोड़ा था, जो ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ। इसलिए इसे बुढ़वा मंगल भी कहते हैं।


हनुमान जी की कृपा:इस दिन पूजा करने से मंगल दोष, रोग, भय, और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है। यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।


सामाजिक महत्व:लखनऊ में इस दिन भंडारे, प्याऊ, और दान-पुण्य की परंपरा है, जो सामाजिक एकता को बढ़ावा देती है।


पूजन विधि


बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा विधि-विधान से करने से विशेष फल प्राप्त होता है। जानें पूजा की विधि


 


प्रातःकाल स्नान:ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल वस्त्र धारण करें।


पूजा स्थल की तैयारी:मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें, गंगाजल छिड़कें। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी और श्रीराम की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।


चोला चढ़ाएं:हनुमान जी को स्नान करवाएं। चमेली का तेल और सिंदूर मिलाकर चोला तैयार करें। इसे बाएं पैर से सिर की ओर चढ़ाएं (5, 11, 21, 51, या 101 बार का संकल्प लें)।


दीपक जलाएं:चमेली के तेल या घी का दीपक जलाएं।


भोग और अर्पण:लाल फूल, तुलसी दल, गुड़-चना, बूंदी के लड्डू, या हलवा-पूरी का भोग लगाएं।


 


पाठ और जाप:हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण, या “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का 11, 21, या 108 बार जाप करें।


दान और सेवा:गरीबों को भोजन, लाल वस्त्र, या शीतल जल दान करें। बंदरों को केला, चना, और गुड़ खिलाएं।


आरती:हनुमान जी और श्रीराम की आरती करें।


 


नियम


बड़ा मंगल के दिन कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है ताकि पूजा का पूर्ण फल मिले


ब्रह्मचर्य:इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।


सात्विक भोजन:नमक, मांस, अंडा, और मदिरा से बचें। व्रत रखने वाले फलाहार या सात्विक भोजन करें।


क्रोध से बचें: किसी का अपमान न करें, न ही अपशब्द बोलें। क्रोध पर नियंत्रण रखें।


यात्रा सावधानी:उत्तर या पश्चिम दिशा में यात्रा से बचें। यदि आवश्यक हो, तो गुड़ खाकर यात्रा करें।


उधार से बचें:इस दिन धन उधार देने से बचें, क्योंकि यह आर्थिक परेशानी ला सकता है।


लाल रंग का महत्व:हनुमान जी को लाल रंग प्रिय है, इसलिए लाल वस्त्र, फूल, और सामग्री का उपयोग करें।


 

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