लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात करीब 40 हजार संविदा ड्राइवर्स-कंडक्टर्स और आउटसोर्स कर्मिकों की मांगों को लेकर सीएम को पत्र भेजा गया है. ये पत्र चालक परिचालक कर्मचारी संघर्ष यूनियन की ओर से सीएम कार्यालय को स्पीड पोस्ट किया गया है. चिट्ठी में संविदा कर्मियों से जुड़ी 4 मुख्य मांगों पर वार्ता के लिए समय मांगा गया है.
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह और प्रांतीय महामंत्री कन्हैया लाल पांडेय ने संयुक्त रूप से बताया कि बढ़ती महंगाई से संविदा कर्मियों की कमर टूट गई है. संविदा कर्मी सरकार की मंशा के अनुसार काम कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में सरकार से मुख्य मांग है कि निगम में कार्यरत संविदा चालकों-परिचालकों और आउटसोर्स कर्मियों का वरिष्ठता के आधार पर समायोजन किया जाए. शेष संविदा चालकों-परिचालकों और आउटसोर्स कार्मिकों का न्यूनतम 35 हजार वेतनमान निर्धारित किया जाए. संविदा श्रम सेवा नियमावली लागू की जाए. सेवाकाल में मृत्यु या सेवा पूरी होने पर पांच लाख रुपये ग्रेच्युटी दी जाए. इन मांगों पर विचार कर संगठन के पांच सदस्सीय प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए समय देने का अनुरोध किया गया है.
अब सीएम आवास कूच करेंगे रोडवेज के मृतक आश्रित : परिवहन निगम मुख्यालय पर दो सितंबर से धरना दे रहे मृतक आश्रितों को न्याय मिलता नजर नहीं आ रहा है. मुख्यालय के अधिकारी शासन में मृतक आश्रितों की नियुक्ति का प्रस्ताव लंबित होने का आश्वासन देते आ रहे हैं. परिवहन मंत्री भी मृतक आश्रितों से मिलने से बचने लगे हैं. ऐसी स्थिति में प्रदेश भर से मुख्यालय पर धरना दे रहे मृतक आश्रित अब सीएम आवास कूच करने की योजना बना चुके हैं.
मृतक आश्रित शिवम ने बताया कि मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मामला शासन में लंबित है. तो मृतक आश्रित अब सीएम आवास कूच करेंगे. वहीं अब धरना प्रदर्शन करेंगे. जिससे मृतक आश्रितों की आवाज सीएम तक पहुंच सके. गौरतलब है, कि परिवहन निगम में साल 2018 से मृतक आश्रितों की भर्ती नहीं हुई है. प्रदेश भर में इनकी संख्या एक हजार से ज्यादा हो गई है. कई बार नियुक्ति की मांग को लेकर अधिकारियों से गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई निर्णय नहीं होने से प्रदेश भर के मृतक आश्रित थक चुके हैं. लिहाजा, अब मुख्यमंत्री आवास कूच करने को तैयार हैं.









