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2025 बना आपदाओं का साल…भूकंप-बाढ़-तूफान से दुनिया में हाहाकार, कई लोगों ने झेली कुदरत की मार

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Natural Disasters 2025: साल 2025का आज आखिरी दिन है। इस साल प्राकृतिक आपदाओं ने भयंकर उत्पाद मचाया। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से मौसमी घटनाएं चरम पर रही, जिससे दुनिया भर में अरबों डॉलर का नुकसान हुआ, लाखों लोग प्रभावित हुए और हजारों जानें गईं। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल भर में 220अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ। इस नुकसान की वजह अमेरिका में जंगल की आग, म्यांमार में भूकंप, श्रीलंका में चक्रवात और कई क्षेत्र में बाढ़ जैसी घटनाएं है।


1लॉस एंजिल्स के जंगल में लगी आग 


2025की शुरुआत ही विनाशकारी रही। जनवरी में लॉस एंजिल्स क्षेत्र में पैसिफ़िक पेलिसेड्स और ईटन में लगी जंगल की आग ने 53-60अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया, जिसमें 40अरब डॉलर बीमित था। यह अमेरिकी इतिहास की सबसे महंगी जंगल की आग बन गई। इस दौरान सैकड़ों मौतें, हजारों घर नष्ट और 17,000से ज्यादा संरचनाएं भी प्रभावित हुई। 


2. म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप का कहर


28मार्च को म्यांमार के मंडाले के पास 7.7तीव्रता का भूकंप आया, जो 1912के बाद सबसे शक्तिशाली था। 4,500से 5,000+ मौतें, लाखों लोग प्रभावित हुए। 12अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। भारत ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत सहायता भेजी। इसके अलावा थाईलैंड में भी 6से 7तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कई इमारतें ढहीं और दर्जनों मौतें हुईं।


3. टेक्सास हिल कंट्री में फ्लैश फ्लड


04जुलाई को टेक्सास में अचानक आई बाढ़ ने 130+ लोगों की जान ली। पानी का स्तर 90मिनट में 26-31फीट बढ़ा यह घटना गर्मी और भारी बारिश के संयोजन से हुई, जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ी बढ़ती चरम घटनाओं का उदाहरण है।


4. हरीकेन मेलिसा तूफान ने मचाई तबाही


अक्टूबर अंत में कैटेगरी 5हरीकेन मेलिसा ने जमैका, हैती और क्यूबा पर हमला किया। 185 mph की हवाओं के साथ यह अटलांटिक में सबसे शक्तिशाली लैंडफॉल में से एक था। जिसमें जमैका में, 45+ मौतें और हजारों लोग विस्थापित हुए।


5. बाढ़ में डूबे देश के कई राज्य


भारत के कई राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं का कहर देखने को मिला। इनमें से एक आपदा थी भारी बारिश के बाद बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने। जिस वजह से ब्रह्मपुत्र और बराक समेत आठ नदियों का पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया और करीब 8लाख से ज्यादा लोग बुरी तरह प्रभावित किया। असम की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही, जहां छह से सात लाख लोगों को अपने घरों को छोड़कर राहत केंद्रों में रहना पड़ा। यहां 12हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल योग्य जमीन तबाह हो गई और कई मवेशी बह गए। राज्य के 35में से 22जिले बाढ़ प्रभावित रहे।


उत्तराखंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश में भी भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई। जहां, सड़कें, आवास और इन्फ्रास्ट्रक्चर सबकुछ तबाह हुए। इसके अलावा पाकिस्तान के पंजाब पंजाब में भारी बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर थी, जिससे बाढ़ की स्थिति लगातार बनी रही। इस दौरान लगभग 1400गांवों में बाढ़ आई और कई लोगों को विस्थापित करना पड़ा। 


6. श्रीलंका में साइक्लोन दित्वाह


नवंबर-दिसंबर में साइक्लोन दित्वाह ने श्रीलंका को तोड़ दिया। जिसने कई लोगों की जान ली और कईयों को विस्थापितह होने के लिए मजबूर किया। भारी बारिश से 135+ भूस्खलन, 100+ फ्लैश फ्लड और बादल फटने की घटनाएं सामने आई। जिस वजह से यह श्रीलंका की हाल की सबसे विनाशकारी आपदा बनी

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