HomeUTTAR PRADESH16 साल से लटके एसिड अटैक केस पर CJI सूर्यकांत ने फटकारा,...

16 साल से लटके एसिड अटैक केस पर CJI सूर्यकांत ने फटकारा, कहा– ये न्याय नहीं, मज़ाक है…


CJI Suryakant Acid Attack Case:भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने हाल ही में एक सुनवाई के दौरान 16 साल से ज्यादा समय से लंबित एक एसिड अटैक मामले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस देरी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। यह घटना न्यायपालिका में लंबित मामलों की समस्या को फिर से उजागर करती है, जहां पीड़ितों को न्याय मिलने में सालों लग जाते हैं।


क्या है पूरा मामला?


बता दें, यह मामला साल 2009 का है, जब एक एसिड अटैक हुआ था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस मामले का ट्रायल पूरा नहीं हुआ। जिस वजह से पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक पीड़ा के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया की लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, देश में एसिड अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2023 में 207 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जो 2022 के 202 मामलों से थोड़े ज्यादा हैं। इससे पहले 2017 में 244, 2018 में 228, 2019 में 240, 2020 में 182 और 2021 में 176 मामले सामने आए थे। इन आंकड़ों से साफ है कि यह समस्या गंभीर बनी हुई है, और कानूनी सुधारों के बावजूद पीड़ितों को त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा।


मालूम हो कि नए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 के सेक्शन 124 के तहत, एसिड अटैक के दोषियों को कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। फिर भी कई मामलों में ट्रायल में देरी के कारण न्याय में बाधा आ रही है।


CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?


सुनवाई के दौरान CJI सूर्य कांत ने कहा कि इतनी लंबी देरी शर्म की बात है और इससे न्याय व्यवस्था की हंसी उड़ाई जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर देश की राजधानी दिल्ली में ही ऐसे मामलों का प्रबंधन नहीं हो पा रहा, तो अन्य जगहों की क्या स्थिति होगी? उनका यह रुख न्यायपालिका की दक्षता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता को रेखांकित करता है। CJI ने जोर देकर कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों के लिए न्याय में देरी अस्वीकार्य है और ऐसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाना चाहिए।


इस मामले को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट्स के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिए हैं कि वे एसिड अटैक से जुड़े सभी लंबित मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इन रिपोर्टों में प्रत्येक केस की वर्तमान स्थिति, देरी के कारण और अब तक की प्रगति का विवरण शामिल होना चाहिए। यह कदम पूरे देश में ऐसे मामलों की समीक्षा करने और उन्हें तेजी से निपटाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read