अम्बेडकरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत में लघु प्रकृति के फौजदारी वाद, एनआई एक्ट की धारा 138, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, वैवाहिक पारिवारिक वाद, दीवानी वाद, मोटर दुर्घटना एवं प्रतिकर वाद, विद्युत अधिनियम से संबन्धित श्रम वाद एवं भूमि अध्याप्ति वाद राजस्व वाद, ऋण वाद आदि सहित अन्य प्रकार के वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अधिक से अधिक निस्तारण किया जाना है। भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता द्वारा बताया गया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के कम में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 14 दिसम्बर को पारिवारिक प्री-लिटिगेशन मामलों को सुलह समझौता के माध्यम से निपटा सकते हैं एवं कोई भी व्यक्ति अपने पारिवारिक विवाद को पंजीकृत होने से पूर्व प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में भेजकर सुलह-समझौता द्वारा अपने पारिवारिक विवाद को प्री-लिटिगेशन स्तर पर खत्म कर सकते हैं और अपने धन और समय की बचत कर सकते हैं। त्वरित, सस्ता, सुलभ न्याय प्रत्येक नागरिक का अधिकार है आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में तहसील स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय स्तर तक के किसी भी न्यायालय या विभागीय ऐसे मामले जो सुलह-समझौता के आधार पर निस्तारित किये जा सकते हैं, के लिये आवेदन पत्र देकर वादकारी अंतिम आदेश और निर्णय प्राप्त कर कर सदैव के लिये लम्बित मामलों से छुटकारा पा सकते हैं लोक अदालत में किसी भी वाद के निस्तारण के लिये किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता एवं पक्षों के मध्य आपसी सुलह समझौता के आधार पर विवाद का निस्तारण किया जा सकता है। अतः जनपद के सभी आमजन को सूचित किया जाता है कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने अधिक से अधिक संख्या में वाद सुलह समझौता के माध्यम से नियत कर निस्तारित करवायें एवं राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठायें।
14 दिसम्बर की लोक अदालत में विविध वादों का होगा निस्तारण-भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता
9
Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh


