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120 घंटों में से महज 37 घंटे की चर्चा और करोड़ों का नुकसान, MP ने मांगा सांसदों से हिसाब; कहा

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Monsoon Session 2025: संसद का मॉनसून सत्र 2025हंगामे और गतिरोध के बीच समाप्त हो गया। इस सत्र में लोकसभा में चर्चा के लिए निर्धारित 120घंटों में से केवल 37घंटे ही प्रभावी चर्चा हो सकी। जिसके कारण संसद की कार्यवाही पर भारी खर्च के बावजूद जनता के मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा सका। इस स्थिति से नाराज दमन और दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने एक अनोखी मांग उठाई है। उन्होंने संसद सत्र के अंतिम दिन कहा कि सत्र के दौरान हुए खर्च को सांसदों के वेतन से वसूलने की मांग की और इसके लिए संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया। 


उमेश पटेल ने की अनोखी मांग 


सत्र में हंगामे की वजह से चर्चा बाधित हुई। जिस पर  दमन और दीव से निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने इस गतिरोध के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने संसद भवन परिसर में एक बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर लिखा था ‘माफी मांगो, सत्ता पक्ष और विपक्ष माफी मांगो।’ पटेल ने कहा ‘सदन की कार्यवाही न चलने से जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। अगर सांसद अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, तो इस खर्च की भरपाई उनके वेतन से की जानी चाहिए।’ उन्होंने यह भी मांग की कि सांसदों को वेतन और अन्य सुविधाएं तभी मिलें, जब सदन सुचारू रूप से चले।


सत्र में हंगामे ने रोकी चर्चा


बता दें, मानसून सत्र 21जुलाई 2025को शुरू हुआ। यह सत्र कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए था। इन मुद्दों में ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विभिन्न विधेयकों जैसे आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक और राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक शामिल थे। हालांकि, विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच लगातार टकराव के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।


नारेबाजी, तख्तियां लहराने और बिल फाड़ने जैसे घटनाक्रमों ने संसद की गरिमा को प्रभावित किया। सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर पर 28-29 जुलाई को विस्तृत चर्चा हुई। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। बाकी पूरा समय हंगामे की भेंट चढ़ गया। जिसके कारण निर्धारित समय का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा बर्बाद हो गया। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सत्र के अंतिम दिन सांसदों के इस आचरण पर गहरी नाराजगी जताई और इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बताया।

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