spot_img
spot_img
HomeUTTAR PRADESH01 फरवरी से महंगे होंगे पान-मसाला और सिगरेट, जानें कितने बढ़ेंगे दाम

01 फरवरी से महंगे होंगे पान-मसाला और सिगरेट, जानें कितने बढ़ेंगे दाम

fok-media-samman-samaroh


Pan Masala-Cigarette-Tobacco Price: अगर आप सिगरेट, पान मसाला या अन्य तंबाकू उत्पादों के शौकीन हैं, तो कल से आपकी आदत पर असर पड़ने वाला है। केंद्र सरकार ने 01फरवरी से इन उत्पादों पर नए उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लागू करने का फैसला किया है, जिससे इनकी कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यह बदलाव GST क्षतिपूर्ति उपकर को हटाकर नए टैक्स स्ट्रक्चर के तहत किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य संरक्षण और राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से है।


नए नियमों की मुख्य बातें


सरकार ने जनवरी 2026में वित्त मंत्रालय के माध्यम से इन बदलावों को अधिसूचित किया था। दिसंबर 2025में संसद द्वारा पारित दो विधेयकों के आधार पर ये प्रावधान तैयार किए गए हैं। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं –


1. सिगरेट पर टैक्स:सिगरेट की लंबाई और प्रकार के आधार पर प्रति 1,000सिगरेट पर 2,050रुपये से लेकर 8,500रुपये तक का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा। कुछ श्रेणियों में यह 11,000रुपये तक भी जा सकता है। पहले यह शुल्क 200-700रुपये प्रति 1,000सिगरेट था, जबकि अब कुल टैक्स बोझ 60-70प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसके अलावा 40प्रतिशत जीएसटी अलग से लागू रहेगा।


2. पान मसाला और गुटखा:इन पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया जाएगा। कुल टैक्स (जीएसटी सहित) लगभग 88प्रतिशत रहेगा, लेकिन वसूली का तरीका बदल जाएगा। चबाने वाले तंबाकू और जर्दा पर उत्पादन क्षमता के आधार पर शुल्क संग्रह होगा, जिसमें गुटखा पर 91प्रतिशत और चबाने वाले तंबाकू पर 82प्रतिशत तक की दरें शामिल हैं।


3. अन्य तंबाकू उत्पाद:कच्चे तंबाकू पर 60-70प्रतिशत उत्पाद शुल्क, जबकि ई-सिगरेट और निकोटीन उत्पादों पर 100प्रतिशत टैक्स लगेगा।


सरकार का उद्देश्य क्या है?


सरकार का मुख्य लक्ष्य तंबाकू उत्पादों के सेवन को हतोत्साहित करना है, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। नए टैक्स से राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही लोगों को इन आदतों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे टैक्स से लोग सिगरेट छोड़ सकते हैं, लेकिन इससे तस्करी की समस्या भी बढ़ सकती है। भारत में पहले से ही 26प्रतिशत सिगरेट बाजार अवैध है और नए नियमों से यह और बढ़ सकता है, जिससे सरकारी राजस्व पर उल्टा असर पड़ सकता है।


कीमतों पर कितना असर?


नए टैक्स से सिगरेट की कीमतों में 20-40 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। प्रीमियम और लंबी सिगरेट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, एक सामान्य सिगरेट की कीमत 18 रुपये से बढ़कर 70-72 रुपये तक पहुंच सकती है, हालांकि यह पैक के आधार पर अलग-अलग होगा। पान मसाला और गुटखा भी महंगे होंगे, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

*अन्य बड़ी खबरों के लिए समाचार लाइव के होम पेज पर जाएं
----------------------------------------------------------------
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -free website builder
- Advertisment -free website builder

Latest Post

Most Popular