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“हथियार लेकर चलने वालों से बातचीत नहीं”, अमित शाह ने नक्सलियों को दिया सख्त संदेश

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Amit Shah On Naxals: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा अभी भी खूब हो रही है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेलंगाना के एक सभा में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। ह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘जब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुश्मनों को करारा जवाब दिया, तब भी राहुल गांधी सवाल उठाते रहे। यह हमारे जवानों के बलिदान का अपमान है।’ उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम पर सवाल उठाना देश की सुरक्षा नीति को कमजोर करने जैसा है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में स्थित 11 आतंकी ठिकानों को धवस्त किया था। इसके साथ ही पाकिस्तान को महज 4 दिनों में ही घूटनों पर ला दिया था।


राहुल गांधी ने क्या कहा?


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-पाक के सीजफायर पर गंभीर सवाल उठाए थे। साथ ही राहुल गांधी, ट्रंप के द्वारा सीजफायर करवाने के दावे पर भी मोदी सरकार पर हमलवार दिखे। उन्‍होंने एक्‍स पर लिखा था, “विदेश मंत्री एस जयशंकर की चुप्पी सिर्फ बयानबाजी नहीं। यह निंदनीय घटना है। मैं फिर से सवाल पूछूंगा हूं कि हमने कितने भारतीय विमान खो ऑपरेशन सिंदूर में खो दिया क्योंकि पाकिस्तान को पता था? यह कोई चूक नहीं थी। यह एक अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है।“साथ ही राहुल गांधी ने एक विवादित बयान भी दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था नरेंदर-सरेंदर।


“आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में जुड़ें”


इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर साफ शब्दों में कहा, ‘हमारी नीति बिल्कुल स्पष्ट हैजो हथियार लेकर चल रहे हैं, उनसे कोई बातचीत नहीं होगी।’ अमित शाह ने नक्सलवाद से जुड़े लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियार छोड़ें, आत्मसमर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में जुड़ें। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है।केंद्रीय गृह मंत्री ने इस दौरान कहा, “अब समय आ गया है कि जो लोग बंदूक की राह पर चल रहे हैं, वे विकास और लोकतंत्र की राह अपनाएं। सरकार उन्हें पुनर्वास का पूरा मौका देगी। अमित शाह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस और केंद्रीय बलों की सख्त कार्रवाई के चलते हिंसा की घटनाएं काफी कम हुई हैं। केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकारों के साथ मिलकर विकास कार्य और सुरक्षा उपायों को आगे बढ़ा रही है।“

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