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वक्फ कानून को लेकर विरोध में उतरे मुस्लिम पक्ष, शाम को क्यों पलट गई बाजी?


Waqf Amendment Act: वक्फ अधिनियम मामले को लेकर सोमवार, 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम फैसला सुनाया अदालत ने वक्फ कानून पर रोक नहीं लगाई, लेकिन कुछ धाराओं पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ए.जी. मसीह की दो सदस्यीय बेंच ने इस मामले को लेकर ये कहा कि संसद द्वारा पारित कानून की संवैधानिकता का अनुमान हमेशा उसके पक्ष में होता है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा की जरूरत है।


सभी ने किया था फैसले का स्वागत


जमीयत उलमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, शिया मौलाना कल्बे जव्वाद और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई मुस्लिम संगठन और उलेमाओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि ये मुस्लिम संपत्तियों पर सरकारी हस्तक्षेप रोकने के लिए एक जरूरी कदम है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मुस्लिम पक्षकारों ने अपनी जीत का ऐलान किया। लेकिन शाम होते-होते ये बाजी पलट गई मुस्लिम पक्षकारों की खुशी विरोध में बदल गया। सुबह जिस फैसले को अपने पक्ष में मान रहे थे, अब उसे ही अपने खिलाफ बताने लगे।


जजमेंट पढ़ सच आया सामने


वक्फ मामले पर अदालत के फैसले को सरसरी तौर पर कोर्ट रूम में फैसले के कार्यकारी हिस्से को सुनकर ही मुस्लिम पक्षकार राहत और अपनी जीत मान रहे थे, लेकिन जब 128 पेज का जजमेंट सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। इसके बाद इसे विस्तार से पढ़ा गया तो मुस्लिम पक्षकारों को अहसास हुआ कि जिसे जीत समझ रहे थे वह तो कुछ और ही निकला। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिम पक्ष के वकीलों में से एक एम.आर. शमशाद ने बताया कि फैसला सुनाते समय लगा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानून के कुछ धाराओं पर रोक लगा दी है। उसके आधार पर ही हमने प्रारंभिक प्रतिक्रियाएं भी दे दी थीं।


समस्या बढ़ा सकता है ये कानून


शमशाद ने बताया कि कानून में कहा गया था कि लिमिटेशन एक्ट भी वक्फ पर लागू नहीं होगा। इसका मतलब है कि अगर एक बार वक्फ संपत्ति हो गई और कोई उस पर कब्जा या फिर अतिक्रमण कर लेता है तो फिर 12 साल तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, क्योंकि लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होगा। ये वक्फ संपत्तियों को बचाने के लिए था। अब लिमिटेशन एक्ट को हटाने का निष्कर्ष आया है। ये सही है कि वक्फ संपत्तियों पर दूसरों ने अतिक्रमण किया है। कोर्ट के फैसले में दृष्टिकोण से ऐसा लगता है कि वक्फ संस्थानों ने सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है। ये एक ऐसा मुद्दा है, जहां कोर्ट का ऐसा नजरिया हमारे लिए समस्या बढ़ाएगा। 

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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