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लद्दाख आंदोलनकारी सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार, जोधपुर जेल हुए ट्रांसफर; 4/7 CCTV से होगी नजरबंदी


Sonam Wangchuk Arrest: 4मौतें और 90घायल… लद्दाख में स्टेटहुड का प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। इस विरोध प्रदर्शन का कारण संवैधानिक सुरक्षा है, जिसको लेकर लेह की जनता निराश दिख रही है। अब इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि इस पूरी घटना का जिम्मेदार माने जा रहे सोनम वांगचुक अब गिरफ्तार हो चुके हैं। सोनम पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता के रूप में मशहूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लद्दाख प्रशासन ने सुरक्षा कारणों को मद्देनजर रखते हुए लेह जिले में मोबाइल और इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी हैं।


क्यों हुई सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी


शुक्रवार को सोनम वांगचुक को लेह एयरपोर्ट पर औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद विशेष उड़ान से जोधपुर ले जाया गया। वहां पहुंचते ही सख्त सुरक्षा घेरे में उन्हें जेल भेज दिया गया, जहां कई वाहनों के काफिले के माध्यम से उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा गया। उनकी मेडिकल जांच भी संपन्न हो चुकी है, और 24घंटे निगरानी के साथ CCTV कैमरे लगाए गए हैं। उसी दिन दोपहर करीब ढाई बजे लेह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए वे गांव उल्याकटोपो से रवाना नहीं हो सके, जिससे आयोजकों को शक हुआ। पता चला कि लद्दाख पुलिस की टीम, जिसका नेतृत्व डीजीएसपी सिंह जमवाल कर रहे थे, ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तत्काल उन्हें लद्दाख से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों ने स्पष्ट किया कि हाल की हिंसा युवाओं के गुस्से से उपजी थी, न कि किसी बाहरी साजिश से। लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने विदेशी हस्तक्षेप की अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए न्यायिक जांच की मांग की, साथ ही पुलिस और सीआरपीएफ पर भीड़ नियंत्रण में चेतावनी गोली न चलाकर सीधे फायरिंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वांगचुक के नेतृत्व में 10सितंबर से 35दिनों का अनशन चल रहा था, जिसके बाद केंद्र ने 6अक्टूबर को वार्ता का प्रस्ताव दिया था। लेह में कर्फ्यू जारी रहा, और प्रशासन ने तीसरे दिन भी सख्ती बरती, जिसमें प्रमुख शहरों में पांच या इससे अधिक लोगों के समूहबद्ध होने पर रोक लगाई गई।


संगठन पर कार्रवाई और व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं


वांगचुक की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पूर्व केंद्र सरकार ने उनके संगठन SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया, जिसका कारण कथित वित्तीय अनियमितताएं बताई गईं। उनकी पत्नी गितांजलि अंगमो ने सरकार पर झूठी अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके पति को बिना किसी ठोस वजह के अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। राजनीतिक हलकों से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं—कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे केंद्र की कानून-व्यवस्था की नाकामी छिपाने की चाल बताया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गिरफ्तारी को दुखद करार देते हुए कहा कि केंद्र 2020के लेह हिल काउंसिल चुनावों में किए वादों से पीछे हट गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे तानाशाही का चरम बताया और देश के कठिन दौर का जिक्र किया। वहीं, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने पुलिस फायरिंग की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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