Indian Defence System: सरकार ने इंडियन डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने का ओर एक बड़ कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की एंटी टेररिज्म कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की रक्षा बजट को मंजूरी दी है। यह रक्षा खरीद आपात अधिग्रहण व्यवस्था के कारण की जा रही है। जिसके चलते 13 कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। जिसमें सेना के लिए आधुनिक हथियार और उपकरण खरीदे जाएंगे, जिससे आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों की क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।
सेना के लिए मार्डन हथियारों की खरीद
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की आतंकवाद-रोधी क्षमता को बढ़ाने के लिए 1981.90 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक हथियार और उपकरण खरीदने की योजना को मंजूरी दी है। इस आपातकालीन रक्षा खरीद के तहत इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, हल्के वजन के लो-लेवल रडार, कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली, रिमोट से चलने वाले ड्रोन, बैलिस्टिक हेलमेट, नाइट विजन उपकरण और मध्यम व भारी रेंज के क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल खरीदे जाएंगे, ताकि सेना आतंकवाद के खिलाफ और अधिक प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके।
SCO सम्मेलन में रक्षा मंत्री उठाएंगे आतंकवाद का मुद्दा
राजनाथ सिंह बुधवार को चीन के किंगदाओ में एससीओ (शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन) में शिरकत करेंगे। इस सभा में रक्षा मंत्री आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे। बता दें, कि मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए कॉन्फ्लिक्ट के बाद यह किसी बड़े भारतीय नेता का चीन में पहला दौरा है। SCO सम्मेलन में रक्षा मंत्री एससीओ के सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और संपर्क बढ़ाने की भी बात कर सकते हैं। साथ ही राजनाथ सिंह चीन में कई सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ बिलैटरल मुलाकात कर सकते हैं। जिसमें चीन और रूस के रक्षा मंत्री भी शामिल हैं।






