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बिल्डिंग 17 का रूम नंबर 13… यहीं रची गई धमाके की साजिश, ATS की पूछताछ में पिता ने खोले राज!


10/11 Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट की खबरें आने के बाद पूरी राजधानी मानो डर के साए में है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और अपराध की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। इसी कड़ी में अब जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। समय बीतने के साथ हर दिन नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं।


मामले में एटीएस लगातार आरोपियों के परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिसके बाद अब इस अपराध की जड़ें फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी में मिलने की बात सामने आई है। इसी विश्वविद्यालय की बिल्डिंग नंबर 17 का रूम नंबर 13 वह कमरा बताया जा रहा है, जहां आतंक की पूरी साजिश रची गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, वहां साजिश रचने के पुख्ता सबूत मिले हैं।


डॉ. शाहीन अंसारी की गिरफ्तारी और चौंकाने वाले खुलासे


फरीदाबाद से विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार की गईं डॉ. शाहीन अंसारी की गिरफ्तारी ने एटीएस और खुफिया एजेंसियों को हैरान कर दिया है। शाहीन पहले कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं, लेकिन 2013में अचानक नौकरी छोड़ दी।


शादी और तलाक के बाद वह परिवार से दूर हो गईं और 2021में उनकी सेवा अनुपस्थिति के कारण समाप्त कर दी गई। इसके बाद वह फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में आईं, जिन्होंने उन्हें अल फलह यूनिवर्सिटी से जोड़ा। जांच एजेंसियों को शक है कि यहीं से उनका संपर्क उस नेटवर्क से हुआ जिसने आगे चलकर आतंकी गतिविधियों की साजिश रची।


भाई परवेज़ और मुजम्मिल की कड़ी


शाहीन की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने उनके भाई डॉ. परवेज़ अंसारी को भी निगरानी में लिया। लखनऊ स्थित उनके घर पर छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। परवेज़ ने हाल ही में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। जांच में खुलासा हुआ कि वह शाहीन से लगातार संपर्क में था। इसी दौरान, डॉ. मुजम्मिल की कार से AK-47बरामद होने और शाहीन का नाम सामने आने से जांच और गहरी हो गई।


परिवार का सदमा और बढ़ती जांच


पूरी जांच के दौरान कई नए पहलू सामने आए हैं। शाहीन की कार लखनऊ में रजिस्टर्ड थी लेकिन उस पर सहारनपुर की नंबर प्लेट लगी थी। बताया जा रहा है कि परवेज़ ने कुछ महीनों तक सहारनपुर में क्लीनिक भी चलाया था। शाहीन के डिजिटल डेटा से विदेशी संपर्क और संदिग्ध ईमेल्स के सबूत मिले हैं। इस घटनाक्रम से परिवार सदमे में है—पिता सईद अंसारी का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं होता कि शाहीन गलत रास्ते पर जा सकती है। फिलहाल एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर शाहीन और परवेज़ के पुराने संपर्कों की जांच कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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