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प्रशासन की लापरवाही से चढ़ी एक और बलि, पानी भरे गड्ढे में डूबने से 3 साल के मासूम ने तोड़ा दम


Greater Noida Incident: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दुखद हादसे ने सबको झकझोर दिया है, जहां दनकौर थाना क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से तीन साल के मासूम देवांश की मौत हो गई। यह घटना रविवार 15फरवरी की बताई जा रही है, जब बच्चा खेलते-खेलते गड्ढे में गिर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गड्ढे की शिकायत जनवरी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला?


दरअसल, दलेलगढ़ गांव निवासी अनिल की बेटी अंजलि अपने मायके आई थी, जिसका ससुराल बुलंदशहर के सिकंदराबाद में है। बताया जा रहा है कि अंजजि के साथ उसका तीन साल का बेटा देवांश और बेटी भी आए थे। अनिल के घर के पास ही एक मंदिर है, जहां महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे में शामिल होने के लिए परिवार के सभी लोग मंदिर गए हुए थे।


मंदिर के पास एक गड्ढा था। देवांश खेलते हुए अचानक गड्ढे में गिर गया। परिवार वालों ने उसे तुरंत बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है, और आगे की जांच जारी है।


शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं


जानकारी के अनुसार, यह घटना दलेलगढ़ गांव में मंदिर के पास की है, जहां सरकारी जमीन पर बना यह गड्ढा काफी समय से खुला पड़ा है और इसमें लगातार पानी भरा रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह गड्ढा खनन माफिया द्वारा बनाया गया था, और इसमें कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था।


लोगों ने बताया कि इस गड्ढे में जलभराव की समस्या को लेकर 4जनवरी 2026को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में दुर्घटना की आशंका जताई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अगर समय पर गड्ढा भर दिया जाता या सुरक्षा उपाय किए जाते, तो यह हादसा टल सकता था।


अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग


मालूम हो कि यह पहला मामला नहीं है; इससे पहले नोएडा में युवराज मेहता, दिल्ली के जनकपुरी इलाके में कमल ध्यानी और रोहिणी में बिरजू की मौत भी इसी तरह के गड्ढों में डूबने से हुई थी, जो प्रशासन की लगातार लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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