North-East Weather: पूर्वोत्तर भारत में मानसून के समय से पहले दस्तक देने के साथ ही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में पिछले कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इन आपदाओं में करीब 32लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि यह मूसलाधार बारिश बांग्लादेश और मेघालय के ऊपर बने एक गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण हुई। जिसने क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को ठप कर दिया। बता दें, IMD ने 30मई को चेतावनी जारी की थी कि पूर्वोत्तर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 31मई और 1जून तक भारी से अत्यधिक भारी हो सकती है।
भारी बारिश ने पूर्वोत्तर भारत में मचाई तबाही
पिछले 24-48घंटों में भारी बारिश के कारण पूर्वोत्तर के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। असम की राजधानी गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और सामान्य जनजीवन ठप हो गया है। वहीं, मिजोरम में भूस्खलन की घटनाओं में 13घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
इसके अलावा त्रिपुरा में तूफान और बारिश ने 1,800से अधिक घरों को क्षतिग्रस्त किया। जबकि अरुणाचल प्रदेश में एक कार के खाई में गिरने से कई लोगों की जान चली गई। मेघालय और सिक्किम में भी भूस्खलन और बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। जिससे सड़क संपर्क टूट गया और कई पर्यटक फंसे हुए हैं।
राहत और बचाव कार्य
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय प्रशासन, और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) जैसे सुरक्षा बलों ने बचाव कार्यों में तेजी लाई है। असम में 72 राहत शिविर और 64 केंद्र खोले गए हैं। जहां विस्थापित लोगों को आश्रय और आवश्यक सामग्री प्रदान की जा रही है। अरुणाचल प्रदेश में सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।









