पाइप डालने के बाद खोदे गड्ढों की पटाई न होने से गिरकर घायल हो रहे नगर के लोग
टांडा,अम्बेडकरनगर। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगरवासियां की प्यास बुझाने को बिछवाई जा रही पाइपलाइन विवादों में फंस गई है। पाइप लाइन को किसी तरह मिट्टी में दबाया जा रहा है, भ्रष्टाचार में लिप्त जेई व ठेकेदार की मिली भगत से सरकारी धन की लूट मची हुई है। नगर में पेयजल योजना के जरिये जलापूर्ति उपलब्ध कराने की मंशा से जलनिगम द्वारा कार्य कराया जा रहा है। इसमें बिछवाई जा रही पाइपलाइन बिछते ही क्षतिग्रस्त होने लगी है। निकट भविष्य में इस पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से मोहल्ला वासियों को गम्भीर परिणाम झेलने पड़ेंगे। विद्युत खंभों से पाइपलाइन की दूरी का भी ध्यान नही रखा गया है। पाइप लाइन डालने का कार्य नगरवासियों को सहूलियत देने के बजाय घातक साबित हो रहा है पाइप लाइन बिछवाने के लिए सड़क काटकर खुदवाई गई, जिससे सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप लाइन बिछवाने के लिए निर्धारित मानक के अनुरूप खोदाई नहीं कराई न ही विद्युत खंभों से पाइपलाइन की दूरी का ध्यान रखा गया टांडा नगर के तलवापार के निकट कब्रिस्तान के बगल आमने-सामने गली की इन्टरलाकिंग तीन महीने पहले पाइपलाइन डालने के लिए जलनिगम द्वारा खोद दी गयी लेकिन पाइपलाइन नही डाली गयी और न ही इन्टरलॉकिंग ठीक की गयी जिससे इस मोहल्ले के गली की हालत बद् से बद्तर हो गयी है मोहल्ले के जुल्फेकार,इश्तियाक, तौफीक, ज्ञान चन्द्र ,बबलू आदि का कहना है कि जलनिगम पूरी तरह मनमानी कर रहा है जब इन्टरलाकिंग सड़क खोदने के बाद पाइपलाइन नही डाली गयी तो नये सिरे से इन्टरलाकिंग बनवाना चाहिए लेकिन जलनिगम ने नही बनवाया। टांडा के छज्जापुर दक्षिण ,मीरानपुरा, तलवापार,मुसहां, ,सिटकहां, सिकंदराबाद, अलीगंज, नेहरूनगर आदि मोहल्ले का है यहां भी जलनिगम द्वारा सड़क खोदकर हाहाकार मचा दिया गया है। मोहल्लो में जब शादी-विवाह ,तेरही ,चालिसवां, बरही आदि कार्यक्रम होते है तो दूर-दराज के लोग भी इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए शहर मे आ जाते है तो मुहल्लो से गुजरते समय जलनिगम द्वारा खोदे गये गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जाते है चोटिल होने के बाद उन्हे अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है।
नियम विरुद्ध ठेकेदार ने कर दी खुदाई
पाइप लाइन बिछवाने से पूर्व कच्ची नाली के बेस को कंक्रीट से पक्का कराया जाना चाहिए, पाइपलाइन डालने में हर पाइप के नीचे सीमेंटेड बेस बनाया जाना चाहिए था। लेकिन, यहां न तो पाइपलाइन के लिए मानक के अनुरूप गहराई कराई जा रही और न ही बेस को पक्का कराया जा रहा है। मानक के अनुसार पाइपलाइन को एक मीटर की गहराई में खोदकर डाला जाना था, लेकिन मौके पर ठीक से एक फिट भी गहरी खुदाई नहीं की गयी और जबरदस्ती उसी में पाइपलाइन डाल दी गयी है कई मोहल्लो में जब मानक के अनुरूप खुदाई नही कराई गयी तो पाइप डालने के कुछ दिन बाद वह ऊपर आ गयी तो ठेकेदार ने आनन-फानन में पुनः खुदाई कराकर पाइपलाइन को नये सिसे से डलवाई।
इस भष्टाचार का कौन है जिम्मेदार
ठेकेदार और जलनिगम के जेई के भष्टाचार का गठजोड़ यदि देखना हो आ जाइये टांडा में। यहां तो भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है लगता तो यह कि भ्रष्टाचार के इस कारखाने में जेई और ठेकेदार सुबह से लेकर शाम तक हिसाब किताब करने में लगे रहते है।









