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पंजाब सरकार ने लिया बड़ा फैसला… 2 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, जानें पूरा मामला

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Punjab IAS Suspension: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को एक बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकारी आदेश के अनुसार, कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह को निलंबित किया गया है। हालांकि आदेश में उनके निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कदम केंद्रीय सरकार की “मिशन सक्षम आंगनवाड़ी” योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन की खरीद में छह साल की देरी से जुड़ा हुआ है।


सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?


जानकारी के मुताबिक, स्मार्टफोन प्रदान करने वाले विक्रेता ने इस देरी को लेकर अदालत का रुख किया था। इसी मामले में दो अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारियों को भी पदांतरण किया गया है, जिनमें सामाजिक सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत विकास प्रताप भी शामिल हैं। कमल किशोर यादव, 2003 बैच के IAS अधिकारी, उद्योग और वाणिज्य, निवेश संवर्धन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रशासनिक सचिव थे। वहीं, जसप्रीत सिंह, 2014 बैच के IAS अधिकारी, पंजाब सूचना और संचार प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे।


इस नियम के तहत हुए निलंबित


दोनों अधिकारियों को ऑल इंडिया सर्विसेज रूल्स, 1969 के नियम 3 (1) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारी चंडीगढ़ में ही रहेंगे। निलंबन के बाद, IAS अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को उद्योग, निवेश संवर्धन और सामाजिक सुरक्षा विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंह पिछले 11 महीनों से किसी पद पर तैनात नहीं थे।


पहले भी अधिकारी हो चुके निलंबित


ये पहला मामला नहीं है जब AAP सरकार के तहत IAS अधिकारी निलंबित हुए हो। फरवरी, 2025 में मुक्तसर के डिप्टी कमिश्नर राजेश त्रिपाठी को गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते निलंबित किया गया था। इसी तरह, अगस्त 2023 में वरिष्ठ IAS अधिकारी डी.के. तिवारी और गुरप्रीत सिंह खैरा को पंचायतों के विघटन से जुड़े “तकनीकी रूप से दोषपूर्ण” निर्णय के कारण निलंबित किया गया था। अधिकारियों के निलंबन से राज्य प्रशासन में सुधार और जवाबदेही की दिशा में सरकार के कदम को देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्मार्टफोन वितरण में हुई देरी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी पर यह कार्रवाई सख्त प्रशासनिक संदेश देती है।

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