अम्बेडकरनगर। जलालपुर कोतवाली के नसोपुर गांव में चार परिवारीजनों को फर्जी एससीएसटी हत्या के प्रयास आदि की धारा में दर्ज किए गए मुकदमें में जेल भेजे जाने के मामले में क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलकर पुलिसिया कार्यवाही के विरुद्ध अपनी आवाज को बुलंद किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित हनुमान सिंह पूरे मामले में पिछले कई वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही प्रशासन से जमीनी विवाद का निराकरण चाह रहे थे। प्रशासन के आदेश पर ही उक्त खतौनी के जमीन की दो बार पैमाइश के बाद पत्थर नसब की कार्यवाही भी हुई थी। बावजूद उसके विपक्षी पत्थर नसब का विरोध करते हुए एकजुट होकर हनुमान की पिटाई कर दी। कहा कि विपक्ष के विरुद्ध कार्यवाही के बजाय पुलिस ने हनुमान सिंह, जय सिंह, भगवान सिंह तथा राम सिंह समेत चार लोगों के विरुद्ध एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। जिलाध्यक्ष ने पूरे प्रकरण में केजीएमयू लखनऊ में तैनात विपक्षी परिवार के डॉ.सतीश कुमार की भूमिका की जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगे किसी भी तरह के उत्पीड़न पर क्षत्रिय समाज चुप नहीं बैठेगा। गौरतलब है कि नसोपुर गांव में गत 14 सितंबर को जमीनी विवाद को लेकर हनुमान सिंह तथा शिवचरण आदि के बीच मारपीट की घटना हुई थी। दोनों पक्षों की तहरीर पर जलालपुर पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज किया था। इसी बीच जिला मुख्यालय से वापस लौटते समय विपक्ष की महिला प्रेमशीला सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसी मामले में पुलिस ने हनुमान सिंह समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। जिलाध्यक्ष के साथ अशोक कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह मुन्ना, राज बहादुर यादव, अभिमन्यु सिंह, जसवंत सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नसोंपुर के मुकदमें में पुलिसिया कार्यवाही से क्षत्रिय महासभा ने बुलन्द की आवाज
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