spot_img
spot_img
HomeUTTAR PRADESHदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत...CM मोहन यादव ने उठाया...

दूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत…CM मोहन यादव ने उठाया सख्त कदम, अपर आयुक्त को तत्काल हटाने के दिए निर्देश

fok-media-samman-samaroh


Indore Water Contamination: इंदौर में पिछले तीन दिनों में दूषित पानी पीने से 11 से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 2 जनवरी को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने इंदौर के नगर आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही अतिरिक्त आयुक्त को इंदौर से स्थानांतरित करने और जल वितरण विभाग में प्रभारी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को उनके पद से हटा देने का निर्देश दिया। ये जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की।


अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई


मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर में हुई इस दुखद घटना के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में सभी 16 नगर निगमों के मेयर, चेयरपर्सन और आयुक्तों के साथ-साथ जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, शहरी विकास विभाग, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे राज्य की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


इस घटना के मद्देनजर पहले ही एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया गया और दो अन्य को निलंबित किया गया था। पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग के इंचार्ज सब-इंजीनियर शुभम श्रीवास्तव को सेवा से हटाया गया, जबकि जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले और सहायक अभियंता योगेश जोशी को निलंबित किया गया।


रिपोर्ट में हुई पुष्टि


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हासनी ने बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज द्वारा तैयार रिपोर्ट में ये पुष्टि हुई कि भगीरथपुरा इलाके की मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हुआ। लीकेज के स्थान पर एक टॉयलेट का निर्माण होने के कारण पानी में संक्रमण फैल गया। इस दूषित पानी के कारण लगभग 2,000 लोग बीमार हुए।


पदों को तुरंत भरने के निर्देश


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ये भी निर्देश दिए कि इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों को तुरंत भरा जाए और जल वितरण प्रणाली की निगरानी और सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की पूरी तैयारी करने को कहा। यह घटना इंदौर के लिए शर्मनाक है, क्योंकि यह शहर पिछले 8 सालों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और जनता की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

*अन्य बड़ी खबरों के लिए समाचार लाइव के होम पेज पर जाएं
----------------------------------------------------------------
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -free website builder
- Advertisment -free website builder

Latest Post

Most Popular