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जुलाई-अगस्त के बाद अब सितंबर में भी दिखेगा मॉनसून का तूफानी अंदाज, भारी बारिश का अलर्ट; IMD से जानें पूरे महीने का पूर्वानुमान

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September Monsoon Forecast:  भारत में मॉनसून 2025 अपने चरम पर है। जुलाई-अगस्त के महीने में हुई भारी बारिश का सिलसिला सितंबर में भी जारी रहने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि सितंबर 2025 में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जो लंबे समय के औसत (Long Period Average – LPA) के 109% से अधिक हो सकती है। यह मॉनसून सीजन, जो जून से सितंबर तक चलता है, पहले ही रिकॉर्ड तोड़ चुका है, जो सितंबर में भी जारी रहेगा।


सितंबर 2025 का मौसम पूर्वानुमान


IMD के अनुसार, सितंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। हालांकि, कुछ क्षेत्र जैसे पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्से और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्य शामिल हैं, में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।


IMD ने 31 अगस्त से 03 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में 31 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 1 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में महानदी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अगस्त के अंत तक भारी बारिश का अनुमान है।


सितंबर में भी जारी रहेगा बारिश का दौर


IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया कि इस साल सितंबर में बारिश का रुझान 1980 के बाद से थोड़ा बढ़ा है, हालांकि कुछ साल जैसे 1986, 1991, 2001, 2004, 2010, 2015 और 2019 में बारिश कम रही। उन्होंने बताया कि मई 2025 में 126.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से दोगुनी और 1901 के बाद सबसे ज्यादा है। मॉनसून ने 24 मई को केरल में सामान्य तारीख (1 जून) से 8 दिन पहले दस्तक दी, जो 2009 के बाद सबसे जल्दी शुरुआत थी। 29 जून तक यह पूरे देश को कवर कर चुका था, जो सामान्य तारीख (8 जुलाई) से 9 दिन पहले था।


वहीं, जून में 70 से अधिक भारी बारिश की घटनाएं दर्ज की गईं, जो पिछले साल की 51 घटनाओं से काफी ज्यादा हैं। असम के सिलचर में 1 जून को 415.8 मिमी बारिश हुई, जो 1893 के बाद का रिकॉर्ड है। अगस्त में भी देश में 6% अधिक बारिश हुई। ऐसे में इस साल मॉनसून की वापसी में देरी की संभावना है, जिससे सितंबर के मध्य तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।  

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