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ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों को मिली सफलता, राजनाथ सिंह बोले- डीआरडीओ भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता की रीढ़


Indigenous Weapon Systems In India: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार, 1 जनवरी को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी हथियार प्रणालियों के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन की सफलता ने भारत की बढ़ती सैन्य आत्मनिर्भरता को मजबूती दी है और भविष्य के युद्धों में डीआरडीओ (DRDO) की केंद्रीय भूमिका को साफ तौर पर दिखाया है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डीआरडीओ द्वारा विकसित हथियार और रक्षा प्रणालियां बिना किसी बाधा के सफल रहीं। इससे न सिर्फ सैन्य अभियानों को मजबूती मिली, बल्कि भारतीय सैनिकों का मनोबल भी काफी बढ़ा। उन्होंने इसे डीआरडीओ की पेशेवर क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।


सुदर्शन चक्र को लेकर कही ये बात


रक्षा मंत्री नई दिल्ली में डीआरडीओ के 68वें स्थापना दिवस के मौके पर वैज्ञानिकों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भविष्य की एक अहम परियोजना ‘सुदर्शन चक्र’ पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 के भाषण में घोषित सुदर्शन चक्र पहल की रीढ़ डीआरडीओ ही होगा। इस परियोजना का उद्देश्य अगले 10 सालों में देश के अहम सैन्य और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को मजबूत एयर डिफेंस कवच देना है।


राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने ये साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध में एयर डिफेंस की भूमिका कितनी अहम हो गई है। मुझे पूरा भरोसा है कि डीआरडीओ पूरी निष्ठा और क्षमता के साथ सुदर्शन चक्र के लक्ष्य को हासिल करेगा। उन्होंने डीआरडीओ की भूमिका को सिर्फ तकनीक विकसित करने तक सीमित न बताते हुए इसे देश के लिए एक ट्रस्ट बिल्डर बताया। रक्षा मंत्री ने निजी उद्योग, स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों के साथ बढ़ते सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे भारत का रक्षा नवाचार तंत्र और अधिक मजबूत, तेज और समन्वित हुआ है।


भविष्य की चुनौतियों पर की बात


भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ से कहा कि वह डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेक्स्ट-जनरेशन वॉरफेयर सिस्टम्स जैसी तेजी से बदलती तकनीकों के साथ खुद को लगातार अपडेट रखे। उन्होंने जोर दिया कि अब निरंतर सीखना और भविष्य की तैयारी रणनीति नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। इस मौके पर डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने रक्षा मंत्री को वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों, चल रही परियोजनाओं और 2026 के रोडमैप की जानकारी दी। कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक मौजूद रहे।  

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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