spot_img
spot_img
HomeUTTAR PRADESHइस साल रही ऑटो इंडस्ट्री की धूम, जानिए किस सेगमेंट ने मारी...

इस साल रही ऑटो इंडस्ट्री की धूम, जानिए किस सेगमेंट ने मारी बाजी

fok-media-samman-samaroh


auto industry: भारत में हर साल लाखों की संख्‍या में वाहनों की बिक्री होती है। कई नई कारों और मोटरसाइकिल को लॉन्‍च भी किया जाता है। 2025 ऑटोमोबाइल जगत के लिए कैसा रहा है। क्‍या इस साल वाहन निर्माताओं की बिक्री बढ़ी है या फिर बिक्री में कमी आई है। कितनी कारों को इस साल भारत में लॉन्‍च किया गया है। किस तरह के सेगमेंट की मांग में सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं।  


 


ऑटोमोबाइल जगत के लिए कैसा रहा 2025


 


 हर साल निर्माताओं की ओर से नई तकनीक और फीचर्स के साथ नए वाहनों को भी लॉन्‍च किया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर में 2025 के दौरान 4.5 मिलियन वाहनों की बिक्री की गई है। जिसमें सभी तरह की तकनीक के वाहन शामिल हैं। भारत में कई सेगमेंट में वाहनों की बिक्री की जाती है। जानकारी के मुताबिक 2025 के दौरान जिस सेगमेंट की मांग सबसे ज्‍यादा रही है वह SUV सेगमेंट है। इस सेगमेंट में कई विकल्‍पों को ऑफर किया जाता है। जिनकी संख्‍या कुल बिक्री का करीब 50 फीसदी है।वाहन निर्माताओं की ओर से हर साल कई कारों को लॉन्‍च किया जाता है। जानकारी के मुताबिक 2025 के दौरान देशभर में 75 से ज्‍यादा वाहनों को पेश और लॉन्‍च किया गया है।


 


EV सेगमेंट का कैसा रहा प्रदर्शन


 


बाजार में ICE के साथ ही EV सेगमेंट के वाहनों को भी ऑफर किया जाता है। जिनमें कई निर्माता अलग अलग सेगमेंट में उत्‍पादों को ऑफर करते हैं। जानकारी के मुताबिक 2025 के दौरान जितनी भी कारों की बिक्री हुई है उनमें करीब आठ से 10 फीसदी हिस्‍सा इलेक्‍ट्रिक सेगमेंट के वाहनों का रहा है। इसमें MG Windsor EV, Hyundai Creta, Kia Carens Clavis EV, Tata Nexon EV जैसे उत्‍पादों का बड़ा योगदान रहा है।


 


2026 से खास उम्‍मीद


 


अब 2025 खत्‍म हो रहा है। लेकिन 2026 के शुरू होने के बाद से ऑटोमोबाइल जगत को काफी ज्‍यादा उम्‍मीदें होंगी। 2026 में भी ICE के साथ ही EV और हाइब्रिड कारों को पेश और लॉन्‍च करने की तैयारी की जा रही हैं। इन कारों में कई ऐसे फीचर्स भी मिल सकते हैं जिससे सड़क पर लोगों की जान बचाने में मदद मिल पाएगी। इसके साथ ही नई तकनीक के साथ आने वाली नई कारों से प्रदूषण में भी कमी लाने की कोशिश की जा सकती है, जिससे वातावरण को भी कम नुकसान हो।

*अन्य बड़ी खबरों के लिए समाचार लाइव के होम पेज पर जाएं
----------------------------------------------------------------
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -free website builder
- Advertisment -free website builder

Latest Post

Most Popular