Jammu-Kashmir Terror Attacks History: कश्मीर घाटी एक बार फिर आतंक की चपेट में आ गई है। पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 28निर्दोष पर्यटक मारे गए। ये अब तक का सबसे बड़ा हमला है, जिसमें सीधे टूरिस्टों को निशाना बनाया गया। हमले के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब यात्रा पर थे और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत दौरे पर। हालात की गंभीरता को देखते हुए पीएम मोदी ने अपनी यात्रा बीच में ही छोड़ दी और बुधवार सुबह दिल्ली लौट आए।
बता दें कि,इस हमले को 26/11के मुंबई हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। इसमें आम लोगों को टारगेट किया गया। जानकारों का मानना है कि आतंकी विदेशी नेताओं की मौजूदगी के दौरान हमला करके वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरने की कोशिश करते हैं।
टूरिज्म की तरक्की से बौखलाए आतंकी
2019में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से घाटी में पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला और क्षेत्र में स्थिरता बढ़ी। आतंकियों को ये बात रास नहीं आई और उन्होंने टूरिज्म सेक्टर को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची।
ऐसे हमले पहले भी विदेशी दौरे से जुड़े रहे हैं
इतिहास गवाह है कि भारत में विदेशी नेताओं की मौजूदगी के दौरान आतंकी हमले पहले भी हो चुके हैं। साल 2000में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौरे से ठीक पहले 36सिखों की हत्या और 2002में अमेरिकी अधिकारी के दौरे के दौरान जम्मू में हमला इसका उदाहरण हैं।
पाकिस्तानी जनरल के बयान से जुड़ी आतंकी साजिश?
ये हमला पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के उस बयान के कुछ दिन बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की “गले की नस” बताया था। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई विदेशी तत्व उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
भारत-सऊदी अरब के बीच सुरक्षा पर चर्चा
पीएम मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से हमले के बाद फोन पर बातचीत की। उन्होंने आतंकवाद, कट्टरता और ड्रग्स तस्करी जैसी चुनौतियों से मिलकर लड़ने की बात दोहराई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और निंदा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर दुख जताया और भारत को समर्थन देने का वादा किया। ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ मजबूती से खड़े हैं और पीड़ितों के लिए प्रार्थना करते हैं।”
ये हमला एक बार फिर बताता है कि आतंकवाद अभी भी हमारे समाज और शांति के प्रयासों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।









