Murshidabad Violence: जब से वक्फ कानून लागू हुआ है, तब से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। बीते दिन भी राज्य के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुए, जिसने बाद में हिंसा का रूप ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी। इसके अलावा सड़क और रेल यातायात को बाधित किया। वहीं, भीड़ को काबू करने आए पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किए। जिस वजह से लगभग 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। लेकिन कड़ी-मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया।
मुर्शिदाबाद में वक्फ के खिलाफ प्रदर्शन
दरअसल, इन दिनों पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ जोरों-शोरों से विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। शुक्रवार को मुर्शिदाबाद में प्रदर्शन के दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन की वजह से सड़क और रेल यातायात को बाधित हुई।
इतना ही नहीं, भीड़ को तितर-बितर करने आगे आए पुलिसकर्मियो पर भी पथराव किए गए। जिस वजह से 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। बावजूद इसके पुलिसकर्मी भीड़ को काबू करने में सफल हुई। इस मामले में पुलिस का कहना है कि फिलहाल अभी स्थिति काबू में है।
वक्फ प्रदर्शन पर पुलिस ने क्या कहा?
मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस ने इस बात की जानकारी दी। बंगाल पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सुती और शमशेरगंज इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी थी। ये हिंसा तब भड़क उठी, जब जब जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हुए। लेकिन अब दोनों ही इलाकों के हालात सामान्य है।
बंगाल पुलिस ने आगे लिखा कि हालात सामान्य होने के बाद नेशनल हाइवे पर यातायात फिर से चालू हो चुका है। उन्होंने आगे लिखा कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों को पकड़ने के लिए छानबीन की जा रही हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हिंसा में 10 पुलिसकर्मी हुए घायल
बंगाल पुलिस ने आगे बताया कि भीड़ को नियंत्रण में लाने के लिए उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके अलावा उन्होंने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। लेकिन इस हिंसा में लगभग 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिन्हें इलाक के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।









