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यादों को सहेजने दौलतराम कॉलेज पहुंची CM रेखा गुप्ता, यू-स्पेशल बसों को दिखाई हरी झंडी

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Delhi News: अपने छात्र जीवन (कॉलेज), विश्वविद्यालय की राजनीति के संघर्षों की यादों में डूबती-उतराती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज सुबह दौलतराम कॉलेज पहुंच गई। वहां उन्होंने भरे मन से विद्यार्थियों से मुलाकात की और फेकल्टी के पुराने स्टाफ से अपनत्व दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षण उनके जीवन की पुरानी किताब का वह पन्ना खोल रहा है, जिसने उनके व्यक्तित्व और करियर को दिशा दी।


नॉर्थ कैंपस के खेल परिसर में यू-स्पेशल बस


मुख्यमंत्री ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित नॉर्थ कैंपस के खेल परिसर में यू-स्पेशल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने वहां काफी देर समय बिताया। मुख्यमंत्री अचानक ही यू-स्पेशल बस में सवार हुई और अपने स्टाफ से कहा कि दौलतराम कॉलेज चलो। बता दें, सीएम रेखा गुप्ता ने इसी कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की है। विशेष बात यह कि इस कॉलेज मे जाना मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं था। हतप्रभ स्टाफ व अफसरों को पता चला कि मैम “अल्मा मेटर” दौलत राम कॉलेज जाना चाहती है तो वे मुस्कराने लगे।


बस में संगीत बजने लगा, छात्र गाने लगे और मुख्यमंत्री गुनगुनाने लगी। कॉलेज छात्रों को भी पता चल चुका था कि उनकी पुरानी छात्र व दिल्ली की सीएम आ रही हैं तो वे कॉलेज गेट पर उमड़ आए। कॉलेज गेट पर उतरते ही मुख्यमंत्री को छात्रों ने घेर लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई छात्रों से गपशप शुरू कर दी और कहा कि तुम्हारी दीदी, तुमसे मिलने आ गई हैं। छात्र भी हंसते-मुस्कराते उनका अभिवादन करने लगे। 


कॉलेज फेकल्टी के पुराने स्टाफ से भी मुलाकात की


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के अलावा कॉलेज फेकल्टी के पुराने स्टाफ से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इसी कॉलेज के प्रांगण से उड़ान भरना सीखा, यहीं से संघर्ष की राह पकड़ी और यहीं से मिला वह आत्मविश्वास जिसने मुझे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ का अध्यक्ष बनने और आगे चलकर जनसेवा की राह चुनने की प्रेरणा दी। दौलत राम मेरे लिए केवल दीवारों और क्लासरूम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह अहसास है, जिसने मेरी सोच को आकार दिया, मेरे सपनों को दिशा दी और मेरे जीवन को एक लक्ष्य दिया।


मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक साधारण परिवार की बेटी जब इस कॉलेज में पढ़ने आई, तो उसे नहीं पता था कि उसकी राह दिल्ली सचिवालय तक जाएगी और वह मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचेगी। यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा हैं। स्काय इज द लिमिट- ऊंचा सोचिए, ऊंचा करिए, न रुकिए, न थमिए और न हारिए। ज़िंदगी में न जाने कौन सी मंज़िल आपका इंतज़ार कर रही है।

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