नई दिल्ली: बीती रात भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें 90आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी। भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में 9आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 4, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के 3और हिज्बुल मुजाहिदीन के 2ठिकाने शामिल थे।
खबरों के मुताबिक, बहावलपुर में JeM का मुख्यालय मार्कज सुभान अल्लाह और मुरिदके में LeT का मार्कज-ए-तैबा पूरी तरह तबाह हो गए। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान में RAW की खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया। हमले में 24 मिसाइलें दागी गईं, जिससे 80-90 आतंकियों के मारे जाने की बात सामने आई।
हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमले में केवल 3लोग मारे गए, जिनमें नागरिक भी हो सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि भारत ने नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और जवाबी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही। वहीं, भारत ने साफ किया कि यह ऑपरेशन आतंकी ठिकानों तक सीमित था, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिक क्षेत्रों के खिलाफ।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऑपरेशन को सफल बताया गया, लेकिन सटीक हताहतों की संख्या और नुकसान की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हुई। दोनों देशों के अलग-अलग दावों के बीच सच्चाई का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ऐसे में, खबरों को गंभीरता से जांचना जरूरी है, क्योंकि प्रचार अक्सर हकीकत को ढक लेता है।









