Monday, May 4, 2026
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बांग्लादेशी भी बड़ा छटपट कर रहा…, BJP सांसद निशिकांत दुबे ने की गंगा नदी का पानी रोकने की मांग

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Ganga Water Treaty: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान आमने सामने है। दोनों ही देशों के बीच युद्ध जैसी परिस्थिति पैदा हो गई है। इस बीच भाजपा सासंद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेश की क्लास लगाई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बांग्लादेशी भी बड़ा छटपट कर रहा है,उसको भी गंगा नदी का पानी बंद करने का समय आ गया है, पानी पीकर जीएगा हमसे,गायेगा पाकिस्तान से।“ एक अन्य पोस्ट में भाजपा सांसद ने लिखा, “गंगाजल इन पापियों को?”इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी साझा की थी। दरअसल, इस वर्ल्ड न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम हमले से एक दिन पहले लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव से बांग्लादेश सरकार के कानूनी सलाहाकार ने मुलाकात की थी।


बांग्लादेश पर क्यों भड़के निशिकांत दुबे?


पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल समझौते पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बांग्लादेश को जाने वाला पानी को रोकने की मांग की है। दुबे के द्वारा पोस्ट किए गए अखबार की रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि ढाका में बांग्लादेश के अतंरिम सरकार के सलाहाकार डॉ. आसिफ नजरूल ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर ऑपरेटिव इजहार से मुलाकात की थी। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि दोनों के बीच ये मुलाकात पहलगाम आतंकी हमले से पहले हुई थी। इस मुलाकात की जानकारी के बाद बांग्लादेश पर उग्रवाद को बढ़ावा देने का संदेह पैदा हो गया है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद कट्टरपंथियों की संख्या में वृद्धि हुई है।


क्या है गंगा जल समझौता?


भारत और बांग्‍लादेश के बीच सन् 1996में गंगा जल संधि हुई थी। इस संधि का मकसद दोनों देशों के बीच उस तनाव को होने से रोकना था जो पानी से जुड़ा था। तत्‍कालीन भारतीय पीएम एचडी देवेगौड़ा और शेख हसीना ने उस समय इस समझौते पर साइन किए थे। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में फरक्‍का बैराज है। इस बांध में जनवरी से मई तक पानी का बहाव कम रहता है। इस समझौते के तहत इस बांध में पानी का बहाव सुनिश्चित करना था।


जो संधि दोनों देशों के बीच हुई उसके तहत अगर पानी की उपलब्‍धता 75,000 क्‍यूसेक बढ़ती है तो भारत के पास 40,000 क्‍यूसेक पानी लेने का अधिकार है। अगर फरक्‍का बांध में 70,000 क्‍यूसेक से कम पानी है तो फिर बहाव को दोनों देशों के बीच बांटा जाएगा। जबकि अगर बहाव 70,000से 75,000 क्‍यूसेक तक रहता है तो फिर बांग्‍लादेश को 35,000 क्‍यूसेक पानी दिया जाएगा। इस समझौते की अवधि 30 साल की है।

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