Kanwar Yatra 2025: दिल्ली में हर साल सावन के महीने में भोलेनाथ के भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बनता है। कांवड़ यात्रा, जो शिवभक्तों की आस्था का प्रतीक है, इस बार दिल्ली में और भी भव्य और सुव्यवस्थित होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर आज कांवड़ शिविरों की व्यवस्था परखने के लिए अपनी सरकार के दो मंत्रियों श्री आशीष सूद और श्री कपिल मिश्रा के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक के जरिए सीएम रेखा गुप्ता ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा है कि सरकार भोले के भक्तों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ऐसे में सरकार ने कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कमर कस ली है, ताकि यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सुगम और सुरक्षित भी हो।
शिविर लगाने के लिए मिले 374 आवेदन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाल ही में दिल्ली सचिवालय में कांवड़ यात्रा 2025 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न कांवड़ समितियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य है कि कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोले के भक्त कांवड़ियों के स्वागत को लेकर दिल्ली सरकार ने इस वर्ष जो कार्य प्रणाली अपनाई है, वह अब तक की व्यवस्थाओं में एक ऐतिहासिक बदलाव है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की परंपरा रही, जिससे जनता को बार-बार तकलीफें झेलनी पड़ीं। संस्थाओं को टेंट लगाने जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था और कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी वर्षों तक उनके बिलों का भुगतान नहीं होता था। उन्होंने बताया कि इस बार दिल्ली के लोगों में कांवड़ियों के स्वागत का विशेष सेवा भाव है। इसलिए इस बार शिविर लगाने के लिए 374 आवेदन मिले हैं। हमारी सरकार सभी आवेदनों को शिविर लगाने की अनुमति देगी।
कांवड़ यात्रा 2025 की तैयारियां
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मार्गों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जहां आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती के साथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
इसके अलावा इस बार दिल्ली सरकार ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाया और एक सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अनुमति प्रक्रिया को सरल और तेज कर दिया। अब किसी संस्था को अलग-अलग एजेंसियों के चक्कर नहीं काटने पड़े और सभी को मात्र 48 से 70 घंटों में अनुमति मिल गई।
CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांवड़ यात्रा को न केवल आस्था का पर्व, बल्कि सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा ‘जब रामभक्तों की सरकार शासन में होती है, तो भोले के भक्तों की सेवा का मॉडल पूरे देश के सामने एक उदाहरण बनता है।’ उनकी सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में कांवड़ यात्रा इतनी सुव्यवस्थित हो कि यह पूरे देश के लिए एक मिसाल बने। उन्होंने कांवड़ियों के लिए दिल्ली में “हर हर महादेव” के नारे को और बुलंद करने का वादा किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि उनकी सरकार कांवड़ियों के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। “भोले के लिए बस आपमें भाव होना चाहिए, सुविधा और सिस्टम हमारी सरकार देगी,” यह उनका स्पष्ट संदेश है।









