जलालपुर,अंबेडकरनगर। पट्टा शुदा तालाब में डाली गई पांच करोड़ रुपये की मछली बारिश में बह जाने के प्रकरण में पुलिस ने राजस्व निरीक्षक, प्रधान प्रति निधि समेत 15 ज्ञात व दर्जनों अज्ञात के विरुद्ध संपत्ति नुकसान सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना तहसील जलालपुर अंतर्गत मरहरा गांव का है। इसी तहसील के दूसरे ग्राम पंचायत अमोला बुजुर्ग निवासी राम शकल ने मरहरा गांव स्थित तालाब का 2022 मे मछली पालन का पट्टा लिया था। सीओ को दी गयी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसने तालाब में 37 कुंतल मछली का बीज पालन के लिए डाला था। इन बीज से वर्तमान में कुल आठ करोड़ रुपए कीमत की मछली तैयार होती। मगर बीते एक अक्टूबर को मछलियों को बहने से रोकने हेतु तालाब क्षेत्र में सड़क किनारे जाली लगायी गयी थी। बीते दिन हुई बरसात के दौरान प्रधान प्रतिनिधि अजय गोस्वामी के नेतृत्व में पहुंचे दो दर्जन ग्रामीणों ने जाली को तोड़ दिया जिससे पांच करोड़ रुपये की मछली बह गई। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली गलौज देते हुए हत्या करने की धमकी देने लगे। क्षेत्राधिकारी के आदेश पर पुलिस ने राजस्व निरीक्षक जगदीश चंद्र, प्रधान पति अजय गोस्वामी,विजय प्रकाश,अख्तर खान,जमा ल अहमद,जावेद खान,जमालू पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के पुत्र गिरीश समेत कुल 15 ज्ञात व 10 से 12 अज्ञात के विरुद्ध मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
यह है पूरा मामला
अचानक हुई बारिश से मरहरा समेत आधादर्जन गांव में पानी जमा होगया।गांव में पानी घुसते ही पूरे गांव में खलबली मच गयी।ग्रामीणों ने मरहरा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व अन्य के साथ तहसील पहुंचे और घर आदि में घुस रहे पानी का वीडियो दिखाया और पट्टा धारक द्वारा पानी बन्द किये जाने का आरोप लगा कर शिकायत पत्र दिया। इस के बावुजूद तहसील प्रशासन द्वारा जल निकासी का कोई प्रबन्ध नही किया गया। जमा पानी की निकासी के लिए ग्रामीण एमएल सी हरिओम पांडेय से मिले। हरिओम पाण्डेय की फटकार के बाद पहुंचे राजस्व निरीक्षक व पुलिस ने पानी भहाव में अवरुद्ध बनी जाली को निकाल दिया। पूरे गांव का पानी निकासी होने से गांव डूबने से बच गया।
अब होगा धरना प्रदर्शन
सीओ के आदेश पर दर्ज किये गए फर्जी मुकदमा की आहट सुन उक्त आरोपियों ने किसान यूनियन पदाधिकारी के साथ बीते सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी को इस बाबत एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में लिखा था यदि किसानों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उत्पीड़न किया गया तो आगामी दस अक्टूबर को तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
पांच करोड़ की मछली बह जाने पर उठ रहे सवाल
पानी निकासी का अवरोध हटाने से पांच करोड़ की मछली का नुकसान होने की क्षेत्र में जबरदस्त चर्चा है। इस पेशे से दशकों से जुड़े रहे हे नागेंद्र गौड़ ,अशोक कुमार,सुरेश वर्मा आदि ने बताया कि यदि मछली पालन में इतना फायदा होता तो लोग नौकरी उद्योग धंधा छोड़ मछली पालन का व्यवसाय करते। यह कहानी कपोल कल्पित है। कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सीओ के निर्देश के बाद कई ज्ञात व अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।









