Wednesday, May 6, 2026
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कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष को दूर रहने की चेतावनी, भारत ने कहा

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MEA Press Conference: भारत ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र (PoK) शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत ने पाकिस्तान से PoK को खाली करने और सीमा-पार आतंकवाद को बंद करने की मांग की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरा पक्ष की दखल मंजूर नहीं है।


विदेश मंत्रालय का बयान


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कश्मीर मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान का PoK पर कोई अधिकार नहीं है। इसलिए उसे तत्काल इस क्षेत्र को खाली करना होगा।’


रंधीर जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत सिर्फ PoK के मुद्दे पर होगी। उन्होंने तीसरे पक्षों, विशेष रूप से कुछ देशों और संगठनों को इस द्विपक्षीय मुद्दे में दखल ना देने की सलाह दी। बता दें, रंधीर जायसवाल का यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के हालिया कश्मीर को लेकर किए गए दावों के जवाब में आया है।


भारत-पाकिस्तान के सीजफायर पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?


रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में आगे बताया कि भारत और पाकिस्तान के सेनाओं के संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच 10मई 2025को दोपहर 3:35बजे एक फोन कॉल के जरिए समझौते की तारीख, समय और शब्द तय किए गए थे। इस कॉल के लिए पाकिस्तान उच्चायोग ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से दोपहर 12:37बजे संपर्क किया था। लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से बातचीत में दिक्कत हुई। इसके बाद भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता के आधार पर 3:35बजे कॉल तय की गई।


उन्होंने कहा कि उसी दिन सुबह भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरफोर्स ठिकानों पर हमले किए थे। इसलिए पाकिस्तान की मजबूरी थी कि वह जल्द-से-जल्द भारत से बात कर सकें।


PoK और सीमा-पार आतंकवाद


पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) लंबे समय से भारत-पाकिस्तान तनाव का केंद्र रहा है। भारत का कहना है कि PoK में पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवादी गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं। हाल ही में इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था ‘PoK भारत का मुकुट मणि है और यह पाकिस्तान के लिए एक विदेशी क्षेत्र से अधिक कुछ नहीं। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति पर अडिग है और PoK को भारत में पूरी तरह एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध है।’

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