उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले नवनिर्मित राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के प्रतिष्ठा समारोह में शीर्ष विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi)
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने उद्घाटन के लिए विपक्षी नेताओं की सूची में सबसे पहला नाम पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का है।
मनमोहन सिंह (Manmohan Singh)

इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) भी विश्व हिंदू परिषद (VHP) की आमंत्रण सूची में शामिल हैं। मनमोहन सिंह एक अर्थशास्त्री भी हैं। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद वे जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमन्त्री बने, जिनको पाँच वर्षों का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला था। सिंह को पीवी नरसिंह राव के प्रधानमंत्रित्व काल में वित्त मन्त्री के रूप में किए गए आर्थिक सुधारों के लिए भी श्रेय दिया जाता है।
मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge)

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्य सभा में विपक्ष के नेता थे रहे मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को भी नवनिर्मित राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया गया है। खड़गे वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रीमंडल में श्रम एवं रोज़गार मंत्री रह चुके हैं।
इसके आलावा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और जद (S) सुप्रीमो देवेगौड़ा को निमंत्रण भेजा है। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं के शामिल होने की संभावना कम ही है।
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नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में राम लला की नई मूर्ति के अभिषेक के लिए कई गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी नेताओं को और निमंत्रण भेजे जाने की संभावना है।
समारोह की तैयारी जोरों पर चल रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समारोह में शामिल होंगे। समारोह की तैयारी 15 जनवरी तक समाप्त होने की उम्मीद है। इसके बाद प्राण प्रतिष्ठा पूजा 16 जनवरी को शुरू होगी और 22 जनवरी को समाप्त होगी।
राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के लिए सप्ताह भर चलने वाले उत्सव की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए 17 जनवरी को भगवान राम की 100 मूर्तियों के साथ भगवान राम के जीवन के दृश्यों को प्रदर्शित करने वाली झांकियों का एक जुलूस भी निकाला जाएगा।
झांकी तैयार करने में लगे मुख्य मूर्तिकार रंजीत मंडल ने कहा, ‘जुलूस में भगवान राम के जन्म से लेकर वनवास, लंका पर विजय और उनकी अयोध्या वापसी तक के जीवन को दर्शाने वाली मूर्तियां और तस्वीरें होंगी।’
यह जुलूस प्रतिष्ठा समारोह के लिए सप्ताह भर चलने वाले उत्सव की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक होगा।
15 जनवरी तक पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन को तैयार करने का भी प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि नए स्टेशन भवन का एक हिस्सा, जिसमें भगवान राम से संबंधित प्रतिष्ठानों और कलाकृतियों से परिपूर्ण उन्नत तीर्थ-धारण क्षेत्र भी शामिल हैं, भारी भीड़ को संभालने के लिए तैयार हो जाएंगे। उद्घाटन के लिए और उसके बाद भी शहर में आने की उम्मीद है।









